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जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता संपन्न
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 23 Sep 2015 06:46 PM IST
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जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का बुधवार को समापन हो गया। प्रस्तुति के आधार पर अब निर्णायकों की टीम मूल्यांकन करेगी और परिणामों की घोषणा करेगी। जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। एलडब्लूएस कन्या इंटर कालेज में प्रतियोगिता के दूसरे दिन आज भी संस्कृत पर आधारित नृत्य, नाटक की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने कहा कि यदि थोड़ा प्रयास किया जाए तो संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाया जा सकता है। प्रतियोगिता के जिला संयोजक डा. कैलाश चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृत दोषों से रहित वैज्ञानिक भाषा है। दो दिन तक चली प्रतियोगिता के दौरान आठों विकासखंडों के प्रतिभागियों ने संस्कृत पर आधारित नाटक, नृत्य, समूहगान, श्लोक उच्चारण जैसी प्रस्तुतियां दी। सह संयोजक डा. राजेंद्र पाठक ने छात्राें का आह्वान किया कि संस्कृत को मन से अपनाएं। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता एलडब्लूएस कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य अमिता मल्ल ने की। प्रतियोगिता के संचालन में सुमिता सिंह, शैलरुण जैकब, पी डेविड, डा. गीता पंत, डा. पीतांबर अवस्थी, विष्णु दत्त जोशी, दीपिका कोठारी, चक्रधर पंत, हरीश चंद्र जोशी, पीतांबर जोशी, भास्करानंद पाठक, डा. प्रमोद श्रोत्रिय, भुवन चंद्र धारियाल, गोकेश पंत, भास्कर दत्त जोशी आदि ने सहयोग दिया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने कहा कि यदि थोड़ा प्रयास किया जाए तो संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाया जा सकता है। प्रतियोगिता के जिला संयोजक डा. कैलाश चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृत दोषों से रहित वैज्ञानिक भाषा है। दो दिन तक चली प्रतियोगिता के दौरान आठों विकासखंडों के प्रतिभागियों ने संस्कृत पर आधारित नाटक, नृत्य, समूहगान, श्लोक उच्चारण जैसी प्रस्तुतियां दी। सह संयोजक डा. राजेंद्र पाठक ने छात्राें का आह्वान किया कि संस्कृत को मन से अपनाएं। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता एलडब्लूएस कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य अमिता मल्ल ने की। प्रतियोगिता के संचालन में सुमिता सिंह, शैलरुण जैकब, पी डेविड, डा. गीता पंत, डा. पीतांबर अवस्थी, विष्णु दत्त जोशी, दीपिका कोठारी, चक्रधर पंत, हरीश चंद्र जोशी, पीतांबर जोशी, भास्करानंद पाठक, डा. प्रमोद श्रोत्रिय, भुवन चंद्र धारियाल, गोकेश पंत, भास्कर दत्त जोशी आदि ने सहयोग दिया।
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