{"_id":"579649da4f1c1b890221e264","slug":"dharchula-disillusioned-by-bsnl","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारचूला का बीएसएनएल से मोहभंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारचूला का बीएसएनएल से मोहभंग
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
मोबाइल सेवा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भारत संचार निगम की सेवाओं से आजिज आ चुके धारचूला के लोगों ने अब निजी कंपनियों की सेवा शुरू करने की मांग उठा दी है। लोगों का कहना है कि बीएसएनएल यहां के लोगों को सही सुविधा दे पाने में सक्षम नहीं है। यदि निजी कंपनियों को यहां पर सेवा शुरू करने का मौका दिया जाए तो लोगों की समस्या हल हो सकती है। सीमा क्षेत्र होने के कारण अब तक निजी कंपनियों को टावर लगाने की अनुमति नहीं मिल पाई है।
लोगों ने प्रधानमंत्री के डिजीटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए निजी कंपनियों की सेवा को बेहद जरूरी बताया है।
लोगों का कहना है कि नेपाल में सभी निजी कंपनियों के टावर लगे हैं। उनकी क्षमता इतनी ज्यादा है कि उसके सिगनल भारतीय क्षेत्र में आसानी से पकड़ लेते हैं। आज भी लोग मजबूरी में नेपाल की संचार कंपनियों के सिम का उपयोग करते रहते हैं। लोगो का कहना है कि यदि सीमा क्षेत्र के प्रतिबंधों का पालन हो रहा है तो नेपाल की संचार कंपनियों के सिगनल कैसे भारतीय क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि अब बीएसएनएल की सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर कोई आंदोलन नहीं होगा। वरन व्यापारी तथा आम उपभोक्ता निजी कंपनियों की सेवा शुरू करने की मांग को लेकर ही आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि धारचूला में बीएसएनएल की मोबाइल सेवा को शुरू हुए दस साल बीत गए हैं लेकिन अभी तक सेवा का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है। व्यापार संघ ने केंद्रीय संचार मंत्री को इस आशय का पत्र भेजा है।
विज्ञापन