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रोजाना सवा लाख के घाटे में चल रहा डिपो
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 03 Mar 2018 10:38 PM IST
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पिथौरागढ़ रोडवेज स्टेशन में खड़ी निजी जीप
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड परिवहन निगम का डिपो रोजाना सवा लाख के घाटे में चल रहा है। डग्गामारी के चलते डिपो को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोडवेज से मात्र 50 मीटर दायरे पर टैक्सी स्टैंड चल रहा है। रोडवेज की आमदनी गिरने से सरकार को सीधी चपत लग रही है, लेकिन कोई देखने-सुनने वाला नहीं है।
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राजस्व घाटे की यह तस्वीर नई नहीं है। 67 बसों के बेड़े वाले पिथौरागढ़ डिपो में पिछले कई सालों से घाटा बदस्तूर जारी है। डिपो के घाटे का यह आंकड़ा अब सवा लाख पहुंच गया है। निगम के इस घाटे की सबसे बड़ी वजह डग्गामारी मानी जा रही है। डग्गामारी का आलम यह है कि रोडवेज स्टेशन के 50 मीटर दायरे पर टैक्सी स्टैंड चल रहा है। रोडवेज के पास ही केएमओयू स्टेशन पर टैक्सियां खड़ी रहती हैं।
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निगम कर्मियों की आम शिकायत है कि टैक्सी संचालक परिसर के भीतर से ही सवारियां ले जाते हैं। यात्रियों को लेकर कई बार निगम कर्मियों और टैक्सी संचालकों के बीच विवाद हो चुका है। टकराव को देखते हुए स्टेशन पर दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई है, लेकिन पुलिस की भूमिका रस्मअदायगी तक सिमट गई है। डग्गामारी न रुकने से निगम का घाटा बढ़ता जा रहा है। प्रबंधन ने अब तक डग्गामारी से निजात पाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए हैं।
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सरकार पर सालाना चार करोड़ का बोझ
वर्षों से रोजाना डिपो को हो रहे नुकसान को देेखें तो संचालन से सरकार पर सालाना चार करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है। इस तरह सरकार एक बड़ी रकम डिपो के घाटे पर खर्च कर रही है। सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी मजबूरी के चलते निगम घाटे के बावजूद बसें दौड़ा रहा है।
यूनियन ने जताया विरोध
निगम से जुड़ी यूनियनों ने घाटे के लिए डग्गामारी को जिम्मेदार ठहराया है। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के शाखा मंत्री अनिल जोशी का कहना है कि कई दावों के बावजूद पुलिस, प्रशासन, परिवहन विभाग डग्गामारी पर लगाम नहीं कस पाया है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त कर्मचारी परिषद शाखा अध्यक्ष संजय महर का कहना है कि प्रबंधन और अधिकारी डग्गामारी की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते घाटा लगातार बढ़ रहा है।
स्टेशन के पास ही टैक्सी स्टैंड संचालित होने से डिपो को घाटा उठाना पड़ रहा है। टैक्सी संचालक स्टेशन के भीतर से ही सवारियां ले जाते हैं। डग्गामारी रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग की मदद ली जाएगी। -राजेंद्र लाल आर्या, एआरएम, परिवहन निगम