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रामगंगा नदी में पुल नहीं बनने से नाराज कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री खाती ने दिया धरना
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पिथौरागढ़ में अपने आवास पर धरने में बैठे कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष जग
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने यहां चंडिका घाट पर रामगंगा नदी में 15 वर्ष पूर्व स्वीकृत पुल बनवाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने रविवार को परिजनों के साथ अपने आवास पर धरना दिया।
कहा कि पुल बनने की प्रत्याशा में पिथौरागढ़, रसैपाटा और गंगोलीहाट से चंडिका घाट तक सड़कें कट चुकी हैं। इसके बावजूद पुल का न बनने से चार विकासखंडों के लोग यातायात सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि पिथौरागढ़ से बांस होकर सड़क कट चुकी है। रसैपाटा से भी चंडिका घाट मंदिर तक सड़क बन चुकी है।
गंगोलीहाट से बन रही सड़क का काम भी हो चुका है, लेकिन वर्ष 2006 में स्वीकृत 80 मीटर लंबे पुल का निर्माण नहीं किया गया है। इससे क्षेत्रवासियों को कई परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
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इसके लिए जनता लोनिवि के बेड़ीनाग खंड कार्यालय से लेकर लोनिवि के एसई कार्यालय तक कई बार गुहार लगा चुकी है। अगर पुल बन जाता तो कोविड काल में भी जनता को जल्दी चिकित्सा सुविधा मिलती।
उन्होंने चंडिकाघाट के साथ ही आंवलाघाट में भी स्वीकृत 80-80 मीटर लंबे दोनों पुलों के निर्माण की मांग की है। अन्यथा पिथौरागढ़, कनालीछीना, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग क्षेत्र के लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनके साथ वैभव खाती और यश खाती भी धरने पर बैठे।
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कहा कि पुल बनने की प्रत्याशा में पिथौरागढ़, रसैपाटा और गंगोलीहाट से चंडिका घाट तक सड़कें कट चुकी हैं। इसके बावजूद पुल का न बनने से चार विकासखंडों के लोग यातायात सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
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पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि पिथौरागढ़ से बांस होकर सड़क कट चुकी है। रसैपाटा से भी चंडिका घाट मंदिर तक सड़क बन चुकी है।
गंगोलीहाट से बन रही सड़क का काम भी हो चुका है, लेकिन वर्ष 2006 में स्वीकृत 80 मीटर लंबे पुल का निर्माण नहीं किया गया है। इससे क्षेत्रवासियों को कई परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
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इसके लिए जनता लोनिवि के बेड़ीनाग खंड कार्यालय से लेकर लोनिवि के एसई कार्यालय तक कई बार गुहार लगा चुकी है। अगर पुल बन जाता तो कोविड काल में भी जनता को जल्दी चिकित्सा सुविधा मिलती।
उन्होंने चंडिकाघाट के साथ ही आंवलाघाट में भी स्वीकृत 80-80 मीटर लंबे दोनों पुलों के निर्माण की मांग की है। अन्यथा पिथौरागढ़, कनालीछीना, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग क्षेत्र के लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनके साथ वैभव खाती और यश खाती भी धरने पर बैठे।