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Pithoragarh News: नहीं रहे कारगिल युद्ध के जांबाज कैप्टन महर
Wed, 26 Apr 2023 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 26 Apr 2023 10:55 PM IST
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नहीं रहे कारगिल युद्ध के जांबाज कैप्टन जगत सिंह महर।
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पिथौरागढ़। ऐंचोली निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन जगत सिंह महर का लंबी बीमारी के बाद 54 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। कैप्टन महर ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन पर पूर्व सैनिक संगठन ने दुख जताया है।
कैप्टन जगत सिंह महर पुत्र कल्याण सिंह वर्ष 1986 में सेना के सिग्नल रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। एक साल की ट्रेनिंग के बाद इनकी कार्य कुशलता को देखते हुए इन्हें आर्मी सप्लाई कोर में स्थानांतरित कर एएससी बटालियन में तैनात किया गया। कुशल लीडर होने के कारण वह तीन बार एएससी सेंटर में प्रशिक्षक के पद पर रहे।
वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए उनकी अहम भूमिका रही। उनकी बेहतरीन कार्यप्रणाली को देखते हुए लगातार पदोन्नत करते हुए सूबेदार मेजर के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया। तब बेहतरीन सेवा के लिए उन्हें थल सेना प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। चार साल सूबेदार मेजर के पद पर रहते हुए उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। कैप्टन महर वर्ष 2019 में सेवानिवृत हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने पूर्व सैनिकों के हितों के लिए कार्य किया।
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बुधवार को रामेश्वर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों सु.मेजर गणेश सिंह, दयाल सिंह, देवकी नंदन, गणेश सिंह, सेना मेडल विक्रम सिंह, हर सिंह, नवीन, रमेश महर, हर सिंह, निलाप सिंह, मयूख भट्ट आदि ने शोक जताया।
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कैप्टन जगत सिंह महर पुत्र कल्याण सिंह वर्ष 1986 में सेना के सिग्नल रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। एक साल की ट्रेनिंग के बाद इनकी कार्य कुशलता को देखते हुए इन्हें आर्मी सप्लाई कोर में स्थानांतरित कर एएससी बटालियन में तैनात किया गया। कुशल लीडर होने के कारण वह तीन बार एएससी सेंटर में प्रशिक्षक के पद पर रहे।
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वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए उनकी अहम भूमिका रही। उनकी बेहतरीन कार्यप्रणाली को देखते हुए लगातार पदोन्नत करते हुए सूबेदार मेजर के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया। तब बेहतरीन सेवा के लिए उन्हें थल सेना प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। चार साल सूबेदार मेजर के पद पर रहते हुए उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। कैप्टन महर वर्ष 2019 में सेवानिवृत हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने पूर्व सैनिकों के हितों के लिए कार्य किया।
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बुधवार को रामेश्वर घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों सु.मेजर गणेश सिंह, दयाल सिंह, देवकी नंदन, गणेश सिंह, सेना मेडल विक्रम सिंह, हर सिंह, नवीन, रमेश महर, हर सिंह, निलाप सिंह, मयूख भट्ट आदि ने शोक जताया।