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कोरोना ने बेटा छीना सदमें में पिता की मौत
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पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के सतगढ़ गांव निवासी सरोज कापड़ी का 17 दिन पूर्व राजस्थान में कोरोना से निधन हुआ था। तब से गहरे सदमे में रहे पिता दिगंबर कापड़ी ने भी बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। महज 17 दिनों के भीतर पिता-पुत्र के देहांत से गांव के सभी लोग शोकाकुल हैं।
सतगढ़ गांव निवासी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर के बड़े पुत्र सरोज राजस्थान में रहते थे। कोरोना से संक्रमित होने के कारण 17 दिन पूर्व 55 वर्ष की उम्र में सरोज का निधन हो गया था। बेटे की मौत के बाद उनके 84 वर्षीय पिता दिगंबर भी गहरे सदमे में थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
स्थानीय पुकतड़ घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे पुत्र राकेश कापड़ी ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। दिगंबर स्वास्थ्य विभाग में तैनात थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे जनसेवा में जुटे रहते थे। गांव या क्षेत्र में अस्पताल न होने पर वह स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधा भी दिलाते थे।
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आठूं, होली आदि मेलों और धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी रहती थी। उनके निधन से क्षेत्र में शोक छा गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश कापड़ी, शंकर कापड़ी, पीतांबर कापड़ी, जगदीश कापड़ी, लक्ष्मी दत्त कापड़ी, राजेंद्र कापड़ी, गोवर्धन कापड़ी आदि ने शोक जताया है।
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सतगढ़ गांव निवासी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर के बड़े पुत्र सरोज राजस्थान में रहते थे। कोरोना से संक्रमित होने के कारण 17 दिन पूर्व 55 वर्ष की उम्र में सरोज का निधन हो गया था। बेटे की मौत के बाद उनके 84 वर्षीय पिता दिगंबर भी गहरे सदमे में थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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स्थानीय पुकतड़ घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे पुत्र राकेश कापड़ी ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। दिगंबर स्वास्थ्य विभाग में तैनात थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे जनसेवा में जुटे रहते थे। गांव या क्षेत्र में अस्पताल न होने पर वह स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधा भी दिलाते थे।
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आठूं, होली आदि मेलों और धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी रहती थी। उनके निधन से क्षेत्र में शोक छा गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी, सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश कापड़ी, शंकर कापड़ी, पीतांबर कापड़ी, जगदीश कापड़ी, लक्ष्मी दत्त कापड़ी, राजेंद्र कापड़ी, गोवर्धन कापड़ी आदि ने शोक जताया है।