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शहीद हवलदार महेद्र सिंह धामी का सैन्य सम्मान के अंतिम संस्कार
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पिथौरागढ़ में शहीद महेंद्र सिंह धार्मी के पार्थिव शव को श्रद्धांजलि देते पूर्व सैनिक।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। हवलदार महेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर चार दिन बाद जिला मुख्यालय स्थित उनके आवास पर पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हंसेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ महेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
कनालीछीना विकासखंड के गैनाली गांव निवासी महेंद्र सिंह धामी (54) बंगाल इंजीनियरिंग में उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण उनकी मौत हो गई थी। चार दिन बाद शनिवार को उनका पार्थिव शरीर पिथौरागढ़ पहुंचा। महेंद्र के परिवार में बेटी, पत्नी मीना धामी, पिता भीम सिंह धामी और माता पुष्पा धामी हैं। महेंद्र परिवार के इकलौते बेटे थे।
शहीद के शव को लाने के लिए हवाई सेवा नहीं मिलने पर गुस्सा
पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन के मयूख भट्ट का कहना है कि पिथौरागढ़ जिला सैन्य बहुल क्षेत्र है। उन्होंने सरकार की उपेक्षा के कारण पार्थिव शरीर के परिजनों तक पहुंचने में देरी होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना था कि पार्थिव शरीर को हवाई जहाज के माध्यम से परिजनों तक समय से पहुंचाना चाहिए था। इस मामले में सेना, सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पूर्व सैनिक संगठन गणतंत्र दिवस को न मनाते हुए आचार संहिता के नियमों का पालन करते हुए विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
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कनालीछीना विकासखंड के गैनाली गांव निवासी महेंद्र सिंह धामी (54) बंगाल इंजीनियरिंग में उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण उनकी मौत हो गई थी। चार दिन बाद शनिवार को उनका पार्थिव शरीर पिथौरागढ़ पहुंचा। महेंद्र के परिवार में बेटी, पत्नी मीना धामी, पिता भीम सिंह धामी और माता पुष्पा धामी हैं। महेंद्र परिवार के इकलौते बेटे थे।
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शहीद के शव को लाने के लिए हवाई सेवा नहीं मिलने पर गुस्सा
पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन के मयूख भट्ट का कहना है कि पिथौरागढ़ जिला सैन्य बहुल क्षेत्र है। उन्होंने सरकार की उपेक्षा के कारण पार्थिव शरीर के परिजनों तक पहुंचने में देरी होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना था कि पार्थिव शरीर को हवाई जहाज के माध्यम से परिजनों तक समय से पहुंचाना चाहिए था। इस मामले में सेना, सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पूर्व सैनिक संगठन गणतंत्र दिवस को न मनाते हुए आचार संहिता के नियमों का पालन करते हुए विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
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