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Pithoragarh News: दर के ग्रामीणों ने घटखोला में सड़क निर्माण का कार्य रोका
Wed, 30 Aug 2023 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 30 Aug 2023 11:19 PM IST
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धारचूला के घटखोला में सड़क का कार्य रोके जाने से इस तरह आवाजाही कर रहे हैं ग्रामीण और आईटीबीपी
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धारचूला (पिथौरागढ़)। तहसील से 42 किलोमीटर दूर दारमा घाटी को जोड़ने वाली सीपीडब्ल्यूडी की सड़क ग्राम पंचायत दर के घटखोला में भूकटाव को लेकर परेशानी का सबब बनी हुई है। भूकटाव से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का काम रोक दिया है। इसके चलते ग्रामीणों के साथ ही आईटीबीपी के जवानों को पैदल चलने को विवश होना पड़ा।
चार-पांच दिन पूर्व भारी बारिश के कारण दर गांव के घटखोला में बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। साथ ही भूकटाव से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। उप प्रधान उत्तम सिंह दरियाल ने बताया कि ग्राम दर में वर्ष 1977 में बादल फटने से 52 परिवार प्रभावित हुए थे। तब आपदा प्रभावितों को यूपी सरकार ने सितारगंज बसाया था। तब से गांव की जमीन साल दर साल भूकटाव से धंस रही है।
बताया कि वर्ष 2019 की आपदा में सड़क से ऊपर की ओर खोती एवं सुयाल तोक में करीब 80 परिवार भूकटाव से खतरे की जद में आए हैं। कई परिवारों के मकान और जमीन पांच से 10 मीटर नीचे की ओर धंस गए हैं। इसके चलते मानसून काल में हर साल उक्त परिवार अन्य सुरक्षित इलाकों में चले जाते हैं। दरियाल ने बताया कि बार-बार प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद भी अब तक कोई भी सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीण सड़क कार्य रोकने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने शीघ्र भू-वैज्ञानिकों की टीम को गांव में भेज जांच कराने और विस्थापन की मांग उठाई है।
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एई ने एसडीएम को दी जानकारी
धारचूला। दारमा घाटी के ग्राम दर के घटखोला में सड़क का कार्य नहीं करने देने की जानकारी सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बंग्याल ने एसडीएम दिवेश शाशनी को दे दी है। एसडीएम ने सूचना मिलने पर राजस्व निरीक्षक को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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सड़क कटिंग से तीन वन पंचायतों को नौ करोड़ से अधिक का नुकसान
वन समिति सदस्यों ने एनएच से वन पंचायतों के हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग उठाई
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और वन पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग की कटिंग के कारण चंपावत जिले की तीन वन पंचायतों को नौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस संबंध में क्षेत्र के वन समितियों के सदस्यों और सरपंचों ने एनएच से वन पंचायतों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति किए जाने की मांग उठाई है।
वन समिति के सदस्य टीकाराम भट्ट की अगुवाई में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के साथ ही वन और पर्यावरण मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि राजमार्ग कटिंग के कारण अनियंत्रित तरीके से मलबा वन पंचायतों की भूमि में डाले जाने से स्वांला वन पंचायत में दो करोड़, बस्टिया मझेड़ा वन पंचायत में तीन करोड़ और कोट अमोड़ी वन पंचायत में चार करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचा है।
मानकों का पालन किए बगैर मलबा वन पंचायतों की भूमि पर डाले जाने से इमारती लकड़ी के पेड़ों के साथ ही हरी घास, जलौनी लकड़ी, चारागाह, पेयजल स्रोत और पेयजल योजनाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जनहित और वन हित में एनएच निर्माण खंड को तीनों वन पंचायतों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए निर्देशित किए जाने की मांग उठाई गई है।
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चार-पांच दिन पूर्व भारी बारिश के कारण दर गांव के घटखोला में बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। साथ ही भूकटाव से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। उप प्रधान उत्तम सिंह दरियाल ने बताया कि ग्राम दर में वर्ष 1977 में बादल फटने से 52 परिवार प्रभावित हुए थे। तब आपदा प्रभावितों को यूपी सरकार ने सितारगंज बसाया था। तब से गांव की जमीन साल दर साल भूकटाव से धंस रही है।
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बताया कि वर्ष 2019 की आपदा में सड़क से ऊपर की ओर खोती एवं सुयाल तोक में करीब 80 परिवार भूकटाव से खतरे की जद में आए हैं। कई परिवारों के मकान और जमीन पांच से 10 मीटर नीचे की ओर धंस गए हैं। इसके चलते मानसून काल में हर साल उक्त परिवार अन्य सुरक्षित इलाकों में चले जाते हैं। दरियाल ने बताया कि बार-बार प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद भी अब तक कोई भी सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीण सड़क कार्य रोकने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने शीघ्र भू-वैज्ञानिकों की टीम को गांव में भेज जांच कराने और विस्थापन की मांग उठाई है।
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एई ने एसडीएम को दी जानकारी
धारचूला। दारमा घाटी के ग्राम दर के घटखोला में सड़क का कार्य नहीं करने देने की जानकारी सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बंग्याल ने एसडीएम दिवेश शाशनी को दे दी है। एसडीएम ने सूचना मिलने पर राजस्व निरीक्षक को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
सड़क कटिंग से तीन वन पंचायतों को नौ करोड़ से अधिक का नुकसान
वन समिति सदस्यों ने एनएच से वन पंचायतों के हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग उठाई
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और वन पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग की कटिंग के कारण चंपावत जिले की तीन वन पंचायतों को नौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस संबंध में क्षेत्र के वन समितियों के सदस्यों और सरपंचों ने एनएच से वन पंचायतों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति किए जाने की मांग उठाई है।
वन समिति के सदस्य टीकाराम भट्ट की अगुवाई में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के साथ ही वन और पर्यावरण मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि राजमार्ग कटिंग के कारण अनियंत्रित तरीके से मलबा वन पंचायतों की भूमि में डाले जाने से स्वांला वन पंचायत में दो करोड़, बस्टिया मझेड़ा वन पंचायत में तीन करोड़ और कोट अमोड़ी वन पंचायत में चार करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचा है।
मानकों का पालन किए बगैर मलबा वन पंचायतों की भूमि पर डाले जाने से इमारती लकड़ी के पेड़ों के साथ ही हरी घास, जलौनी लकड़ी, चारागाह, पेयजल स्रोत और पेयजल योजनाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जनहित और वन हित में एनएच निर्माण खंड को तीनों वन पंचायतों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए निर्देशित किए जाने की मांग उठाई गई है।