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मलबे की चपेट में आने से बाल बाल बचा वाहन

Mon, 04 Sep 2017 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Mon, 04 Sep 2017 11:01 PM IST
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Danger from vehicle trapping
वाहन फंसने से खतरा - फोटो : अमर उजाला

मुनस्यारी/नाचनी (पिथौरागढ़)। जौलजीबी-मुनस्यारी रोड पर घिंघरानी के पास सोमवार की सुबह करीब नौ बजे पहाड़ बिना बारिश के ही दरक गया। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी को पतंजलि के उत्पादों को लेकर जा रहा ट्रक मलबे की चपेट में आने से बाल बाल बचा। सड़क के रास्ते पैदल स्कूल को जा रहे विद्यार्थियों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। घिंघरानी में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इस स्थान पर रोड रोज बंद हो रही है। 

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जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन के पास है। घिंघरानी में इसी बार से नया खतरनाक क्षेत्र बना है। इस बार बरसात के मौसम में घिंघरानी में कई बार पत्थर गिरते रहे। मलबा सड़क पर आ जाने से यातायात पर भी असर पड़ा। सीमा सड़क संगठन इन दिनों इस सड़क के चौड़ीकरण का काम कर रहा है। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष हीरा सिंह चिराल ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है कि तत्काल सड़क को दुरुस्त किया जाए। 
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इधर, थल-मुनस्यारी रोड पर रातीगाड़ में सोमवार को भी सुबह के समय मलबा गिरने से यातायात दो घंटे तक बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग ने रातीगाड़ में स्थायी रूप से जेसीबी तैनात की है। मलबा गिरते ही उसे हटाने का काम शुरू हो जाता है। इस समय रातीगाड़ में सिर्फ छोटे वाहनों का ही संचालन हो पा रहा है। लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे ने बताया कि बारिश कम होने और मिट्टी सूखने के बाद रातीगाड़ में सड़क को चौड़ा करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो दिन से बारिश बंद है और मलबा हटाने के काम में तेजी आ रही है। अक्तूबर से मुनस्यारी में पर्यटकों की आवाजाही होने लगेगी। तब तक सड़क का सुधारीकरण करना जरूरी होगा। 
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थल के लोगों ने उठाई डामरीकरण की मांग 
थल। थल के लोगों ने मुख्य बाजार में 200 मीटर सड़क में कीचड़ के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए लोगों ने तत्काल डामर बिछाने की मांग की है। थल के सामाजिक कार्यकर्ता राम सिंह जंगपांगी ने कहा कि कीचड़ में पैदल चलना भी कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्दी डामर नहीं बिछाया गया तो क्षेत्र के लोग फिर से आंदोलन करेंगे। 

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