{"_id":"571cf8644f1c1bf9288b522d","slug":"damage-to-houses-in-ralam","type":"story","status":"publish","title_hn":"रालम में मकानों को भारी नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रालम में मकानों को भारी नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Sun, 24 Apr 2016 10:16 PM IST
विज्ञापन
मकानों को नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रालम गांव में अब माइग्रेशन पर गए लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। छह माह बाद लोग गांव पहुंचे हैं, लेकिन इनके मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रालम के करीब 80 मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। मकानों के अंदर रखे बर्तन, बिस्तर समेत सारा सामान घरों से बाहर बिखरा मिला। लगभग सभी मकानों की छत टूटी हैं। दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों को आशंका है कि इस बीच किसी ने वहां पहुंचकर उनके मकानों को नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
रालम गांव के लोग सर्दियों में निचले इलाकों में आ जाते हैं। अक्तूबर के बाद गांव में कोई नहीं रहता। अब जब लोग गांव पहुंचने लगे तो मकानों की हालत देखकर दंग रह गए। सभी मकानों को समान रूप से नुकसान पहुंचा है। पिछले वर्ष भी रालम में कई मकानों को इसी तरह का नुकसान पहुंचा था।
विज्ञापन
रालम निवासी हरीश दरियाल और प्रह्लाद दरियाल ने बताया कि मकानों को यदि अंधड़ से नुकसान पहुंचा है तो उनकी छतें क्षतिग्रस्त होती, लेकिन वहां तो घरों के अंदर रखे सामान को ही बिखेर कर नष्ट किया गया है। यदि भालू या अन्य जंगली जानवर मकानों को नुकसान पहुंचाते तो दो चार मकानों में ही यह हरकत होती। करीब 80 मकानों को लगभग एक ही तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि हर साल मकानों और सामान को कौन नुकसान पहुंचा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हर साल इसी तरह नुकसान होता रहा तो ग्रामीणों के सामने भारी संकट पैदा हो जाएगा। एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा कि नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है। नुकसान के कारणों का पता लगाया जाएगा।
विज्ञापन