फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Sentenced to six years

पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर छह साल का सश्रम कारावास

Wed, 04 Nov 2015 04:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Wed, 04 Nov 2015 04:42 PM IST
विज्ञापन
चार बेटियां होने के कारण अपनी बीवी का उत्पीड़न करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने वाले एक अभियुक्त को जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को धारा 306 में दोषी पाते हुए छह साल के सश्रम कारावास, दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इसके अलावा धारा 498 में तीन साल की सजा, पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन

जिला शासकीय अधिवक्ता गंगा सिंह बाफिला ने बताया कि बेड़ीनाग थाने के अंतर्गत बोराआगर गांव निवासी शंकर राम का विवाह 2002 में नीमा देवी के साथ हुआ। नीमा देवी की लगातार चार बेटियां हुई और एक बेटा हुआ। चार बेटियां होने पर शंकर राम अपनी बीवी का उत्पीड़न करता था और शराब पीकर मारपीट करता था। इस उत्पीड़न से तंग आकर नीमा देवी ने 17 अप्रैल 2014 को अपने घर के पास एक पेड़ में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गांव के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।18 अप्रैल 2014 को मृतका नीमा देवी के पिता बागेश्वर  जिले के थाना कांडा अंतर्गत भैंस्यूड़ी गांव निवासी दीवान राम ने अपने दामाद शंकर राम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने उल्लेख किया कि शंकर राम बेटियां होने के कारण लगातार नीमा का उत्पीड़न करता था। इसी से विवश होकर नीमा ने आत्महत्या की। पुलिस ने धारा 306 और 498 में मुकदमा दर्ज किया। यह मामला अदालत में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से मृतका के पिता, माता, चाचा, मामा, जांच अधिकारी और पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर को गवाह के तौर पर अदालत में पेश किया। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने शंकर राम को सजा सुना दी।

विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed