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धारचूला में लूट के तीन आरोपी दबोचे, तीन आरोपी भागे
Updated Sun, 16 Dec 2018 10:36 PM IST
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धारचूला(पिथौरागढ़ )। सीमांत धारचूला तहसील के उमचिया गांव में हुई लूट के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीन आरोपियों को दबोच लिया जबकि तीन आरोपी चकमा देकर भाग गए। पकड़े गए तीनों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और नेपाली नागरिकता के दस्तावेज मिले हैं।
बुधवार की रात लगभग आधा दर्जन अज्ञात लोगों ने धारचूला के उमचिया गांव के तीजम तोक में शांति देवी के घर में घुसकर गहने और नकदी लूट ली थी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट कर लुटेरे भाग गए। लुटेरों ने इस घटना को अंजाम देने से पहले अन्य घरों के बाहर से दरवाजों में कुंडी लगा दी थी। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को शांति देवी ने धारचूला पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस के साथ ही ग्रामीण भी संदिग्ध लुटेरों को पकड़ने के लिए जुटे थे।
शनिवार को ग्रामीणों ने तीन आरोपियों को पकड़कर एक मकान के कमरे में बंद कर दिया था। इसके बाद शेष तीन की धरपकड़ के लिए आसपास के गांवों में खोज शुरू की। इसी बीच पकड़े गए तीनों आरोपी खिड़की तोड़कर भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने बताया कि पकड़े गए लुटेरों से केवल मोबाइल फोन और कुछ नेपाली नागरिकता के प्रमाण पत्र मिले हैं।
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उन्होंने बताया कि फरार चल रहे तीन आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान मान सिंह ने बताया कि छह लोग पिछले चार माह से फेरी लगाने और जड़ी बूटी खरीदने का काम कर रहे थे। मौका देखकर इन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा और रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष केएस गर्ब्याल ने नेपालियों और अन्य फेरी लगाने वालों का सत्यापन करने की मांग की है।
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बुधवार की रात लगभग आधा दर्जन अज्ञात लोगों ने धारचूला के उमचिया गांव के तीजम तोक में शांति देवी के घर में घुसकर गहने और नकदी लूट ली थी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट कर लुटेरे भाग गए। लुटेरों ने इस घटना को अंजाम देने से पहले अन्य घरों के बाहर से दरवाजों में कुंडी लगा दी थी। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को शांति देवी ने धारचूला पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस के साथ ही ग्रामीण भी संदिग्ध लुटेरों को पकड़ने के लिए जुटे थे।
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शनिवार को ग्रामीणों ने तीन आरोपियों को पकड़कर एक मकान के कमरे में बंद कर दिया था। इसके बाद शेष तीन की धरपकड़ के लिए आसपास के गांवों में खोज शुरू की। इसी बीच पकड़े गए तीनों आरोपी खिड़की तोड़कर भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने बताया कि पकड़े गए लुटेरों से केवल मोबाइल फोन और कुछ नेपाली नागरिकता के प्रमाण पत्र मिले हैं।
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उन्होंने बताया कि फरार चल रहे तीन आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान मान सिंह ने बताया कि छह लोग पिछले चार माह से फेरी लगाने और जड़ी बूटी खरीदने का काम कर रहे थे। मौका देखकर इन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा और रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष केएस गर्ब्याल ने नेपालियों और अन्य फेरी लगाने वालों का सत्यापन करने की मांग की है।