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वन्यजीव तस्करी में चार साल की कैद
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:44 PM IST
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पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर तोमर की अदालत ने मंगलवार को न्यायालय में लंबित धारा 51 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के मामले में अभियुक्त नेपाल निवासी दिल बहादुर को दोषी पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर एसओजी और वन विभाग की टीम ने जनवरी 2018 में पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग में महाराज के पार्क मोड़ में वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति की तलाशी ली, उसके कब्जे से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। विवेचना के बाद न्यायालय में पांच गवाह पेश किए गए।
न्यायालय ने परीक्षण में मामला सही पाया। मंगलवार को अभियुक्त को सजा सुनाई गई। मूल रूप से नेपाल निवासी अभियुक्त गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में है। मामले में परिवादी वन विभाग की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) पीआरएस बनकोटी और अभियुक्त की ओर से एडवोकेट प्रदीप पाठक ने पैरवी की।
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मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर एसओजी और वन विभाग की टीम ने जनवरी 2018 में पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग में महाराज के पार्क मोड़ में वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति की तलाशी ली, उसके कब्जे से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। विवेचना के बाद न्यायालय में पांच गवाह पेश किए गए।
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न्यायालय ने परीक्षण में मामला सही पाया। मंगलवार को अभियुक्त को सजा सुनाई गई। मूल रूप से नेपाल निवासी अभियुक्त गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में है। मामले में परिवादी वन विभाग की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) पीआरएस बनकोटी और अभियुक्त की ओर से एडवोकेट प्रदीप पाठक ने पैरवी की।
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