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पहाड़ से पलायन को रोकने के लिए दो चचेरे भाईयों ने पहाड़ में किया चप्पल उद्योग शुरू
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बेरीनाग विकासखंड के सिंगोली गांव के दो चचेरे भाईयों ने चंद्रा ब्रांड नाम से चप्पल को बाजार में उत
- फोटो : PITHORAGARH
पहाड़ से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए बेड़ीनाग के सिंगोली गांव निवासी दो चचेरे भाइयों ने चप्पल उद्योग खोला है। इनका मुख्य उद्देश्य पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन और पहाड़ के लोगों को रोजगार उपलब्ध करना है। दोनों चचेरे भाइयों ने चंद्रा ब्रांड नाम से चप्पल को बाजार में उतारा है। लोग इस ब्रांड को खूब पसंद भी कर रहे हैं।
सिंगोली गांव निवासी चंदन गिरि पुत्र रमेश गिरि और चंद्र गिरि पुत्र डिगर गिरि ने बताया कि दोनों भाइयों ने कई साल प्राइवेट कंपनियों में काम किया। चंद्र गिरि ने कहा कि हरियाणा की कंपनी सूज इंडिया लिमिटेड में चार साल तक काम किया। इस दौरान उनके मन में खुद का काम शुरू करने का विचार आया। उन्होंने चचेरे भाई चंद्र गोस्वामी से खुद की कंपनी खोलने की बात कही।
चंद्र गिरि उस समय चंडीगढ़ में नेटवर्क मार्केटिंग का काम कर रहे थे। भाई की बात सुनकर वह भी गांव सिंगोली आ गए और सीजे ग्रुप इंडस्ट्रीज नाम से कंपनी खोली। इसके लिए उन्होंने उद्योग विभाग से 8 लाख का लोन लिया और खुद के कमाए दो लाख रुपये भी डाले। अभी वह यहां पर चप्पलों का उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वे गांव के सात लोगों को पांच-पांच हजार रुपये की सैलरी दे रहे हैं।
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पहाड़ में हैं संभावनाएं
दोनों भाइयों का कहना है कि पहाड़ में रोजगार की कई संभावनाएं हैं। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ते दामों पर चप्पल उपलब्ध करना है। उनका कहना है कि दो माह के भीतर वे यहां सैंडल भी बनाना शुरू कर देंगे।
आगरा-हरियाणा से मंगाते हैं सामान
दोनों भाई हरियाणा से रबर और अन्य सामान मंगा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी शुरुआत में चप्पल बनाने का कार्य कर रहे हैं। कुछ समय बाद वे जूते बनाने भी शुरू कर देंगे।
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सिंगोली गांव निवासी चंदन गिरि पुत्र रमेश गिरि और चंद्र गिरि पुत्र डिगर गिरि ने बताया कि दोनों भाइयों ने कई साल प्राइवेट कंपनियों में काम किया। चंद्र गिरि ने कहा कि हरियाणा की कंपनी सूज इंडिया लिमिटेड में चार साल तक काम किया। इस दौरान उनके मन में खुद का काम शुरू करने का विचार आया। उन्होंने चचेरे भाई चंद्र गोस्वामी से खुद की कंपनी खोलने की बात कही।
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चंद्र गिरि उस समय चंडीगढ़ में नेटवर्क मार्केटिंग का काम कर रहे थे। भाई की बात सुनकर वह भी गांव सिंगोली आ गए और सीजे ग्रुप इंडस्ट्रीज नाम से कंपनी खोली। इसके लिए उन्होंने उद्योग विभाग से 8 लाख का लोन लिया और खुद के कमाए दो लाख रुपये भी डाले। अभी वह यहां पर चप्पलों का उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वे गांव के सात लोगों को पांच-पांच हजार रुपये की सैलरी दे रहे हैं।
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पहाड़ में हैं संभावनाएं
दोनों भाइयों का कहना है कि पहाड़ में रोजगार की कई संभावनाएं हैं। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ते दामों पर चप्पल उपलब्ध करना है। उनका कहना है कि दो माह के भीतर वे यहां सैंडल भी बनाना शुरू कर देंगे।
आगरा-हरियाणा से मंगाते हैं सामान
दोनों भाई हरियाणा से रबर और अन्य सामान मंगा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी शुरुआत में चप्पल बनाने का कार्य कर रहे हैं। कुछ समय बाद वे जूते बनाने भी शुरू कर देंगे।