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खांसी, जुकाम का इलाज भी नहीं मिल
Wed, 06 Mar 2019 12:52 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूरो, बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Wed, 06 Mar 2019 12:52 AM IST
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बेड़ीनाग के भूनी तोक में मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : AMAR UJALA
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जेट के इस युग में एक अदद सड़क न होने से सामने आ रही समस्याओं के बारे में तो कोई भूनी तोक के लोगों से जाने। इसी गांव की दो महिलाओं ने दो पहले समय से उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ दिया था। मंगलवार को तीन किलोमीटर का पैदल रास्ता तय कर स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पहुंची तो सामने आया कि सामान्य रोगों का इलाज भी गांव के लोगाें को नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंगुरानी ग्राम पंचायत के भूनी तोक में शिविर लगा कर मरीजों का उपचार किया। साथ ही ग्रामीणों को दवाएं भी वितरित की। मोटर मार्ग से तीन किलोमीटर दूर इस गांव में दो दिन पूर्व दो बुर्जुग महिलाओं की डोली में अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। कई ग्रामीणों के बीमार होने की सूचना पर एसडीएम तुषार सैनी ने स्वास्थ्य विभाग को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने निर्देश दिये थे। स्वास्थ्य शिविर में हरुली देवी, लछीमा देवी, नंदी देवी, पार्वती देवी, बचुली देवी, फकीर सिंह, धन सिंह आदि का उपचार किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने बताया कि गांव में बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द के मरीज थे। इस मौके पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गयी। टीम में डॉ. मनीषा सामंत, मीरा पी राज, दीपक रावत, सीता देवी, कविता पंत, देवकी धानिक आदि शामिल रहे। ग्रामीणों को पीसीएम, ओआरएस मेट्रो आदि दवाएं बांटी गयी। शिविर में ग्राम प्रधान किशन राम, सामाजिक कार्यकर्ता बीरेंद्र बोरा आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंगुरानी ग्राम पंचायत के भूनी तोक में शिविर लगा कर मरीजों का उपचार किया। साथ ही ग्रामीणों को दवाएं भी वितरित की। मोटर मार्ग से तीन किलोमीटर दूर इस गांव में दो दिन पूर्व दो बुर्जुग महिलाओं की डोली में अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। कई ग्रामीणों के बीमार होने की सूचना पर एसडीएम तुषार सैनी ने स्वास्थ्य विभाग को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने निर्देश दिये थे। स्वास्थ्य शिविर में हरुली देवी, लछीमा देवी, नंदी देवी, पार्वती देवी, बचुली देवी, फकीर सिंह, धन सिंह आदि का उपचार किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटनी ने बताया कि गांव में बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द के मरीज थे। इस मौके पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गयी। टीम में डॉ. मनीषा सामंत, मीरा पी राज, दीपक रावत, सीता देवी, कविता पंत, देवकी धानिक आदि शामिल रहे। ग्रामीणों को पीसीएम, ओआरएस मेट्रो आदि दवाएं बांटी गयी। शिविर में ग्राम प्रधान किशन राम, सामाजिक कार्यकर्ता बीरेंद्र बोरा आदि मौजूद थे।
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