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डीडीहाट : कांग्रेस ने बिछाई चुनावी बिसात लेकिन नहीं दे पाई मात

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:54 PM IST
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Congress could not beat BJP after 1996 in Didihat
पिथौरागढ़। वर्ष 1969 में अस्तित्व में आई डीडीहाट विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने ब्राह्मण प्रत्याशियों पर ही ज्यादा दांव खेला। वर्ष 2017 में कांग्रेस ने यहां फिर एक नया प्रयोग करते हुए ठाकुर प्रत्याशी को अपना चेहरा बनाया लेकिन कांग्रेस का ये प्रयोग भी सफल नहीं हो पाया। हालांकि डीडीहाट सीट पर ब्राह्मण दांव से शुरुआत करने के बाद लंबे समय तक इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा जरूर रहा। वर्ष 1996 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार राम लहर के कारण भाजपा को इस सीट पर जीत मिली। तब से डीडीहाट सीट से बिशन सिंह चुफाल ही जीत रहे हैं। वर्ष 1969 में डीडीहाट में कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल दत्त ओझा जीते। वर्ष 1974 के विधानसभा चुनाव में गोपाल फिर विधायक बने। वर्ष 1977 में जनता पार्टी की लहर के कारण कांग्रेस को हार मिली तो 1980 में पार्टी ने उनका टिकट काटकर चारू चंद्र ओझा को टिकट दिया और चारू चंद्र चुनाव जीते। वर्ष 1985 में पहली बार विधानसभा चुनाव में कूदे उक्रांद के युवा नेता काशी सिंह ऐरी ने कांग्रेस प्रत्याशी चारू चंद्र ओझा को हराया। वर्ष 1991 में कांग्रेस ने लीलाराम शर्मा पर भरोसा जताया और उन्होंने सीट पर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद से कांग्रेस इस सीट पर राजनीतिक प्रयोग करती रही, जिसमें उसे कभी सफलता नहीं मिली।
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राज्य गठन के बाद डीडीहाट विधानसभा सीट बंट गई दो हिस्सों में
पिथौरागढ़। राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में डीडीहाट विधानसभा सीट दो हिस्सों में बंट गई। राज्य गठन के बाद ा कनालीछीना विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। वर्ष 2002 में कांग्रेस ने डीडीहाट विधानसभा से रमेश कापड़ी और कनालीछीना विधानसभा से मनोज ओझा को प्रत्याशी बनाया। डीडीहाट से बिशन सिंह चुफाल और कनालीछीना से काशी सिंह ऐरी विजेता बने। इसके बाद वर्ष 2007 में कांग्रेस ने नया प्रयोग किया डीडीहाट और कनालीछीना विधानसभा में प्रत्याशी बदले डीडीहाट से हेम पंत और कनालीछीना से मयूख महर को टिकट दिया। इस चुनाव में डीडीहाट से हेम पंत को शिकस्त मिली, जबकि कनालीछीना से महर जीते। वर्ष 2012 में कनालीछीना सीट खत्म हो गई। कांग्रेस ने डीडीहाट सीट पर फिर नया प्रयोग किया और महिला कांग्रेस नेता रेवती जोशी को टिकट दिया। कांग्रेस का यह प्रयोग भी सफल नहीं रहा। इसके बाद कांग्रेस ने वर्ष 2017 में फिर नया प्रयोग कर ठाकुर प्रत्याशी प्रदीप पाल को प्रत्याशी बनाया लेकिन वह भी भाजपा के बिशन सिंह चुफाल को नहीं हरा सके। इस चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। भाजपा के बागी किशन भंडारी दूसरे स्थान पर रहे।
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डीडीहाट विधानसभा से अब तक रहे विधायक
वर्ष - विजेता प्रत्याशी - पार्टी
1969 - गोपाल दत ओझा - कांगेस
1974 - गोपाल दत्त ओझा - कांग्रेस
1977- नारायण सिंह भैसोड़ा- जनता दल
1980- चारू चंद्र ओझा - कांग्रेस
1985- काशी सिंह ऐरी- उक्रांद
1989- काशी सिंह ऐरी- उक्रांद
1991- लीला राम शर्मा- कांग्रेस
1993- काशी सिंह ऐरी- उक्रांद
1996 से - बिशन सिंह चुफाल- भाजपा
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