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Pithoragarh News: जान जोखिम में डाल उफनाते नाले पार करने की मजबूरी
Fri, 11 Aug 2023 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 11 Aug 2023 10:47 PM IST
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डीडीहाट स्थित जूनियर हाईस्कूल ढुंगेती के बच्चे इसी नाले को पार कर पहुंचते हैं स्कूल। स्रोत: जा
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। बरसात के सीजन में पर्वतीय क्षेत्रों में उफनाए नाले पार करते समय ग्रामीणों की इनकी चपेट में आकर मौत हो जाती हैं। इसका मुख्य कारण इन नालों में पैदल पुलिया का न होना होता है। ग्रामीणों को जरूरी आवाजाही के लिए इन नालों को पार करना मजबूरी होती है।
डीडीहाट तहसील में बरसात के समय कई नाले रौद्र रूप से बहने लगते हैं। इन नालों को पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। बरसात में ग्रामीण बच्चों को अपनी पढ़ाई के लिए इन्हीं बरसाती नालों को पार करके स्कूल आना-जाना पड़ता है। ढुंगेती ग्राम सभा के अंतर्गत बहने वाले नाले पर बने पैदल पुल दो साल पहले आई आपदा से पूरी तरह टूट गए थे। इन पुलों का निर्माण आज तक सरकार नहीं कर सकी है। तल्ला ढुंगा से जूनियर हाईस्कूल ढुंगेती को जाने वाला पैदल पुल नहीं बनने से बच्चे दनपट्टा गधेरे को पार करके स्कूल जाते हैं। काफलीगाड़, उसेला, दौलागाड़, ग्वाला गधेरा, बगजीबला में भी आज तक टूटी पुलिया को नहीं बनाया गया है। ग्रामीण मजबूरी में इन नालों को पार कर अपनी जान को रोज जोखिम में डाल आवागमन कर रहे हैं।
बाॅक्स
सरकारी विभागों के पास नहीं कोई योजना
डीडीहाट। लोक निर्माण विभाग ने डीडीहाट और मुनस्यारी विकासखंड में मात्र आठ पैदल पुलों का निर्माण किया है। ग्रामीण निर्माण विभाग और विकासखंड की ओर से भी दस से बारह पैदल पुलियाओं का ही निर्माण किया गया है। विडंबना यह है कि बरसात के सीजन में ही रौद्र रूप से बहने वाले इन नालों को पार करने के लिए सरकारी विभागों के पास कोई योजना नहीं है। मुनस्यारी और धारचूला के कई गांव ऐसे हैं जहां पर पुल नहीं होने के कारण कई बार बरसात के मौसम में ग्रामीणों को घरों में ही कैद रहना पड़ता है। संवाद
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डीडीहाट तहसील में बरसात के समय कई नाले रौद्र रूप से बहने लगते हैं। इन नालों को पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। बरसात में ग्रामीण बच्चों को अपनी पढ़ाई के लिए इन्हीं बरसाती नालों को पार करके स्कूल आना-जाना पड़ता है। ढुंगेती ग्राम सभा के अंतर्गत बहने वाले नाले पर बने पैदल पुल दो साल पहले आई आपदा से पूरी तरह टूट गए थे। इन पुलों का निर्माण आज तक सरकार नहीं कर सकी है। तल्ला ढुंगा से जूनियर हाईस्कूल ढुंगेती को जाने वाला पैदल पुल नहीं बनने से बच्चे दनपट्टा गधेरे को पार करके स्कूल जाते हैं। काफलीगाड़, उसेला, दौलागाड़, ग्वाला गधेरा, बगजीबला में भी आज तक टूटी पुलिया को नहीं बनाया गया है। ग्रामीण मजबूरी में इन नालों को पार कर अपनी जान को रोज जोखिम में डाल आवागमन कर रहे हैं।
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सरकारी विभागों के पास नहीं कोई योजना
डीडीहाट। लोक निर्माण विभाग ने डीडीहाट और मुनस्यारी विकासखंड में मात्र आठ पैदल पुलों का निर्माण किया है। ग्रामीण निर्माण विभाग और विकासखंड की ओर से भी दस से बारह पैदल पुलियाओं का ही निर्माण किया गया है। विडंबना यह है कि बरसात के सीजन में ही रौद्र रूप से बहने वाले इन नालों को पार करने के लिए सरकारी विभागों के पास कोई योजना नहीं है। मुनस्यारी और धारचूला के कई गांव ऐसे हैं जहां पर पुल नहीं होने के कारण कई बार बरसात के मौसम में ग्रामीणों को घरों में ही कैद रहना पड़ता है। संवाद
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