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Pithoragarh News: आओ भौजी रोप लगुना लल दा खेत में...
Fri, 19 Jun 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 19 Jun 2026 10:59 PM IST
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डीडीहाट(पिथौरागढ़)। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच डीडीहाट के दूनाकोट घाटी में धान की रोपाई शुरू हुई है। रोपाई में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से खेतों में पारंपरिक लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी देखने को मिल रही है। वहीं महिलाएं खेतों में सामूहिक साझेदारी की मिसाल भी पेश कर रही हैं।
डीडीहाट क्षेत्र की दूनाकोट घाटी धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है। समय पर हुई बारिश से किसानों में खुशी है और उन्होंने खेतों में रोपाई का काम शुरू किया है। आज भी यहां पारंपरिक तरीके और सामूहिक रूप से धान की रोपाई हो रही है इसमें महिलाओं की साझेदारी अधिक है। दूनाकोट, देवीसूना, खेतार भंडारी, खेतार कन्याल, थपलबीसा, बोरा गांव, ऐरी गांव, हाट, धौलेत सहित दर्जनों गांवों में रोपाई जोरों पर है।
रोपाई के दौरान गाए जा रहे लोकगीत ग्रामीण संस्कृति को जीवंत बना रहे हैं। ग्राम सभा खेतार भंडारी में महिलाएं खेतों में कुमाऊंनी गीतों के साथ रोपाई लगा रही हैं। पूरे क्षेत्र में तली स्यारी मली स्यारी रोप लागी रौ, लल दा का खेत में, आओ भौजी रोप लगुना लल दा खेत में जैसे पारंपरिक गीत सभी को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वहीं कई क्षेत्रों में हुड़का बोल के माध्यम से रोपाई लगाई जा रही है।
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डीडीहाट क्षेत्र की दूनाकोट घाटी धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है। समय पर हुई बारिश से किसानों में खुशी है और उन्होंने खेतों में रोपाई का काम शुरू किया है। आज भी यहां पारंपरिक तरीके और सामूहिक रूप से धान की रोपाई हो रही है इसमें महिलाओं की साझेदारी अधिक है। दूनाकोट, देवीसूना, खेतार भंडारी, खेतार कन्याल, थपलबीसा, बोरा गांव, ऐरी गांव, हाट, धौलेत सहित दर्जनों गांवों में रोपाई जोरों पर है।
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रोपाई के दौरान गाए जा रहे लोकगीत ग्रामीण संस्कृति को जीवंत बना रहे हैं। ग्राम सभा खेतार भंडारी में महिलाएं खेतों में कुमाऊंनी गीतों के साथ रोपाई लगा रही हैं। पूरे क्षेत्र में तली स्यारी मली स्यारी रोप लागी रौ, लल दा का खेत में, आओ भौजी रोप लगुना लल दा खेत में जैसे पारंपरिक गीत सभी को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। वहीं कई क्षेत्रों में हुड़का बोल के माध्यम से रोपाई लगाई जा रही है।
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