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बंद पड़े दो स्कूल फिर खुले
ब्यूरो/अमर उजाला,डीडीहाट / पिथौरागढ़
Updated Tue, 29 Dec 2015 10:45 PM IST
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दो साल पहले छात्र संख्या शून्य होने के कारण डीडीहाट विकासखंड के जिन दो विद्यालयों में ताले लग गए थे, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की पहल पर दोनों स्कूलों को फिर से संचालित कर दिया गया है। दोनों स्कूलों में पब्लिक स्कूलों को छोड़कर बच्चे आए हैं।
खंड शिक्षा अधिकरी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि 2013 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नालीविनायक और चोपड़ा को छात्र संख्या शून्य होने की वजह से बंद कर दिया था। स्कूल के बंद होने से दोनों क्षेत्र के अभिभावक काफी दुखी थे। जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी समन्वयक सावित्री सामंत के अथक प्रयासों से नालीविनायक में 10 बच्चे और चोपड़ा विद्यालय में 8 बच्चों को प्रवेश देकर स्कूलों को फिर संचालित कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों स्कूलों में एक-एक अध्यापक की नियुक्ति की गई है। स्कूलों में अंग्रेजी की पढ़ाई भी होगी। एसएमसी के गठन तक विद्यालय अपने संसाधनों से मिड डे मील की व्यवस्था कर रहा है। एसएमसी के गठन के बाद दोनों स्कूलों में भोजन माताओं की नियुक्ति की जाएगी। वहीं बच्चों को मुफ्त पुस्तकें, गणवेश और खेल सामग्री भी उपलब्ध करा दी जाएगी। विद्यालयों के संचालित होने पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह दोनों गांवों के लिए नए वर्ष का तोहफा है। अब लोगों को ध्यान देना होगा कि विद्यालय में छात्रसंख्या कम न हो और उनका संचालन विधिवत होता रहे।
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खंड शिक्षा अधिकरी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि 2013 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नालीविनायक और चोपड़ा को छात्र संख्या शून्य होने की वजह से बंद कर दिया था। स्कूल के बंद होने से दोनों क्षेत्र के अभिभावक काफी दुखी थे। जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी समन्वयक सावित्री सामंत के अथक प्रयासों से नालीविनायक में 10 बच्चे और चोपड़ा विद्यालय में 8 बच्चों को प्रवेश देकर स्कूलों को फिर संचालित कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि दोनों स्कूलों में एक-एक अध्यापक की नियुक्ति की गई है। स्कूलों में अंग्रेजी की पढ़ाई भी होगी। एसएमसी के गठन तक विद्यालय अपने संसाधनों से मिड डे मील की व्यवस्था कर रहा है। एसएमसी के गठन के बाद दोनों स्कूलों में भोजन माताओं की नियुक्ति की जाएगी। वहीं बच्चों को मुफ्त पुस्तकें, गणवेश और खेल सामग्री भी उपलब्ध करा दी जाएगी। विद्यालयों के संचालित होने पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह दोनों गांवों के लिए नए वर्ष का तोहफा है। अब लोगों को ध्यान देना होगा कि विद्यालय में छात्रसंख्या कम न हो और उनका संचालन विधिवत होता रहे।
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