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कालिका खुमती गाड़ में जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं लोग
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कालिका-खुमती गाड़ के ऊफान में आने के कारण लोग इस तरह जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। ग्राम कालिका खुमती गाड़ में लकड़ी के चार पुल बहने से पिछले तीन दिनों से लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। पुल बहने से 700 से 800 की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने शासन-प्रशासन से जल्द पक्के पुलों का निर्माण करने की मांग की है।
वर्ष 2020 में भारी बारिश में कालिका खुमती गाड़ में चार सीसी पुल बह गए थे। तब से ग्रामीण यहां पर लकड़ी के अस्थायी पुल से आवाजाही कर रहे हैं। 27 जून की भारी बारिश के कारण स्थायी रूप से बने लकड़ी के चार पुल बह गए हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत खुमती ग्राम के दुमौलिया, रोलाताली, घटखोला, गरुडिया, थोड़ा, सुयालथौड़ सहित विभिन्न तोकों के 700 से 800 ग्रामीण पिछले तीन दिनों से एक दूसरे के सहारे उफनाती हुई कालिका खुमती गाड़ पार करने के लिए मजबूर हैं।
खुमती के ग्राम प्रधान गोपाल सिंह धामी ने प्रशासन से कालिका खुमती गाड़ में वैकल्पिक पुल अथवा ट्रॉली लगाने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए पीआरडी जवान नियुक्त करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कालिका खुमती की 20 किलोमीटर की सड़क भी पिछले तीन से बंद होने से एक हजार की आबादी को 15 से 20 किलोमीटर पैदल यात्रा मजबूरी में करनी पड़ रही है।
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पिछले साल कालिका खुमती गाड़ में तीन लाख रुपये के स्थायी सात लकड़ी के पुल बनाए गए थे। उसका भी वर्तमान समय तक प्रशासन और आरडब्ल्यू विभाग ने भुगतान नहीं किया है। उन्होंने ठेकेदार को जल्द भुगतान करने की मांग की है। जीआईसी खुमती में हाईस्कूल के छात्र हिमांशु सिंह ने का कहना है कि छह जुलाई से विद्यालय खुल रहे हैं। अगर जल्द कोई व्यवस्था नहीं की गई तो वह स्कूल कैसे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जीआईसी खुमती में पड़ रहे 60 बच्चों को इसी गाड़ से जान जोखिम में डालकर मजबूरी में आवाजाही करनी होगी। ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
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वर्ष 2020 में भारी बारिश में कालिका खुमती गाड़ में चार सीसी पुल बह गए थे। तब से ग्रामीण यहां पर लकड़ी के अस्थायी पुल से आवाजाही कर रहे हैं। 27 जून की भारी बारिश के कारण स्थायी रूप से बने लकड़ी के चार पुल बह गए हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत खुमती ग्राम के दुमौलिया, रोलाताली, घटखोला, गरुडिया, थोड़ा, सुयालथौड़ सहित विभिन्न तोकों के 700 से 800 ग्रामीण पिछले तीन दिनों से एक दूसरे के सहारे उफनाती हुई कालिका खुमती गाड़ पार करने के लिए मजबूर हैं।
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खुमती के ग्राम प्रधान गोपाल सिंह धामी ने प्रशासन से कालिका खुमती गाड़ में वैकल्पिक पुल अथवा ट्रॉली लगाने और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए पीआरडी जवान नियुक्त करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कालिका खुमती की 20 किलोमीटर की सड़क भी पिछले तीन से बंद होने से एक हजार की आबादी को 15 से 20 किलोमीटर पैदल यात्रा मजबूरी में करनी पड़ रही है।
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पिछले साल कालिका खुमती गाड़ में तीन लाख रुपये के स्थायी सात लकड़ी के पुल बनाए गए थे। उसका भी वर्तमान समय तक प्रशासन और आरडब्ल्यू विभाग ने भुगतान नहीं किया है। उन्होंने ठेकेदार को जल्द भुगतान करने की मांग की है। जीआईसी खुमती में हाईस्कूल के छात्र हिमांशु सिंह ने का कहना है कि छह जुलाई से विद्यालय खुल रहे हैं। अगर जल्द कोई व्यवस्था नहीं की गई तो वह स्कूल कैसे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जीआईसी खुमती में पड़ रहे 60 बच्चों को इसी गाड़ से जान जोखिम में डालकर मजबूरी में आवाजाही करनी होगी। ऐसे में कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

कालिका-खुमती गाड़ में 27 जून को हुई भारी बारिश के कारण ये ही लकड़ी का अस्थाई पुल बह गया था। संवाद- फोटो : PITHORAGARH