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खनन में लगे वाहनों की चाबियां छीनी
ब्यूरो/अमर उजाला, मदकोट/मुनस्यारी
Updated Tue, 23 May 2017 10:10 PM IST
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मदकोट में खनन का विरोध करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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मदकोट कस्बे से एक किलोमीटर दूर छीजा नामक स्थान पर नदी से लगातार हो रहे अवैध खनन से आक्रोशित महिलाओं ने मंगलवार को हंगामा किया। उन्होंने खनन सामग्री लेकर जा रहे कई वाहनों की चाबियां छीन ली। महिलाएं गाड़ियों को घेरकर खड़ी हो गईं। महिलाओं का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती दिखाता तो खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। जब प्रशासन ने खनन की तरफ मुंह मोड़ दिया तो महिलाओं को कमान संभालनी पड़ी।
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मदकोट में 2013 में जबर्दस्त आपदा आई थी। कई मकानों को नुकसान पहुंचा था। आसपास की सभी छोटी नदियों का रुख पलटने का खतरा हर बार बना रहता है। यदि इसी तरह खनन जारी रहा तो आबादी को फिर से गंभीर खतरा हो सकता है। पूर्व प्रधान जमुना देवी के नेतृत्व में पहुंची महिलाओं के साथ सरपंच डिगर सिंह धामी समेत अन्य लोग भी शामिल हो गए। महिलाएं सुबह सात बजे ही खनन वाले इलाके में पहुंच गई थी। उस समय कई वाहनों में रेत और पत्थर भरे जा चुके थे।
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महिलाओं के उग्र तेवरों को देखते हुए वन दरोगा शेर राम और वन रक्षक भरत सिंह बोरा मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को समझाते हुए कहा कि खनन का काम बंद किया जाएगा और जो लोग इस काम में लगे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। करीब तीन घंटे तक महिलाओं ने वाहनों को घेरे रखा। बताया गया है कि वाहनों के ड्राइवर महिलाओं के उग्र तेवरों को देख मौके से भाग गए।
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आंदोलन में बसंती देवी, पार्वती देवी, पूजा दरियाल, खिला सुमत्याल, दीपा देवी, उमा रावत, कमला फर्स्वाण समेत अन्य लोग थे। बताया गया है कि मदकोट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन चल रहा है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन के दौरान प्रशासन ने सख्ती दिखाकर खनन कार्य रुकवाया था, लेकिन उसके बाद फिर से खनन का धंधा होने लगा है। अब प्रशासन के लोग खनन रोकने के लिए मौके पर नहीं जाते।