फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Children in the future

हाथ में छाता थामकर भविष्य बना रहे बच्चे

Fri, 10 Aug 2018 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट Updated Fri, 10 Aug 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
Children in the future
डीडीहाट के किरौली स्कूल में छाता लेकर पढ़ाई करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

शिक्षा विभाग के भी हाल निराले हैं। कहीं बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं तो कहीं छत नहीं। जहां छत है, उसके हाल इतने बुरे हैं कि बारिश में नौनिहाल हाथ में छाता थामकर भविष्य बना रहे हैं।

विज्ञापन


तहसील मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल किरौली का भवन काफी जीर्णशीर्ण हालत में है। वर्ष 1986 में विद्यालय भवन का निर्माण किया गया। उसके बाद अब तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। विद्यालय में चार कक्ष और दो आफिस कक्ष हैं। विद्यालय भवन की छत पर पत्थर रखकर जैसे-तैसे कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 29 छात्र, छात्राएं अध्ययनरत हैं। भवन के दरवाजे, खिड़कियों की लकड़ी गल चुकी है। दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश में छात्र, छात्राएं हाथ में छाता लेकर पढ़ाई करने को विवश हैं।
विज्ञापन


भवन की खस्ता हालत को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर विद्यालय भवन का निर्माण शीघ्र कराने का प्रस्ताव पारित किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसे में बच्चे कैसे पढ़ाई कर पाएंगे। प्रधानाचार्या भागीरथी कन्याल ने बताया कि विगत दिनों शैक्षिक कार्यक्रम के दौरान एसडीएम वैभव गुप्ता और जिला शिक्षाधिकारी डॉ. एके गुंसाई के समक्ष स्कूल भवन का मामला उठाया गया है। बताया कि विद्यालय भवन के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। राजस्व उप निरीक्षक एम प्रकाश ने क्षतिग्रस्त विद्यालय की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है। बैठक में सुनीता देवी, पुष्पा देवी, चंपा, गंगा देवी, गोविंद सिंह, पुष्पा, महेश राम, हरीश राम, कुंदन राम आदि थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed