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घनी झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से स्कूल जाते हैं बच्चे
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय गर्जिया के बच्चे इस तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं?
- फोटो : PITHORAGARH
अस्कोट (पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत गर्जिया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चे घनी झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं। इस रास्ते पर बरसात के बाद से घनी झाड़ियां उगी हुई हैं जबकि पहाड़ी वाले पैदल रास्ते पर मलबा और पत्थर गिरे हैं। इसके अलावा विद्यालय भवन की हालत भी ठीक नहीं हैं। यह भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन में दरारें पड़ चुकी हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गर्जिया में आठ बच्चे पढ़ते हैं। ये बच्चे हर बरसात में उगी झाड़ियों के बीच से जंगल को पार कर विद्यालय पहुंचते हैं। इतना ही नहीं विद्यालय को जाने वाले रास्ता भी भूस्खलन से ध्वस्त है। बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। बावजूद इसके पैदल रास्ते को ठीक नहीं किया जा रहा है।
विद्यालय में बच्चों के लिए शौचालय भी नहीं है। विद्यालय में 2007 से कार्यरत संविदा अध्यापक गीता पंत का कहना है कि जब से वह इस स्कूल में तैनात हुईं हैं तब से रास्ता बदहाल है। अभिभावक प्रकाश भंडारी का कहना है कि रास्ते की मरम्मत को लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार बता दिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन भी जर्जर हो चुका है। अगर विद्यालय भवन और रास्ते को शीघ्र ही ठीक नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग के पास अपना कोई फंड नहीं होता है। स्कूल में शौचालय बनवाने और भवन की दरारों को ठीक करने के लिए बीएडीपी मद से प्रस्ताव भेजा है। -हिमांशु गोगई, खंड शिक्षाधिकारी सतगढ़ कनालीछीना।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय गर्जिया में आठ बच्चे पढ़ते हैं। ये बच्चे हर बरसात में उगी झाड़ियों के बीच से जंगल को पार कर विद्यालय पहुंचते हैं। इतना ही नहीं विद्यालय को जाने वाले रास्ता भी भूस्खलन से ध्वस्त है। बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। बावजूद इसके पैदल रास्ते को ठीक नहीं किया जा रहा है।
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विद्यालय में बच्चों के लिए शौचालय भी नहीं है। विद्यालय में 2007 से कार्यरत संविदा अध्यापक गीता पंत का कहना है कि जब से वह इस स्कूल में तैनात हुईं हैं तब से रास्ता बदहाल है। अभिभावक प्रकाश भंडारी का कहना है कि रास्ते की मरम्मत को लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार बता दिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन भी जर्जर हो चुका है। अगर विद्यालय भवन और रास्ते को शीघ्र ही ठीक नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग के पास अपना कोई फंड नहीं होता है। स्कूल में शौचालय बनवाने और भवन की दरारों को ठीक करने के लिए बीएडीपी मद से प्रस्ताव भेजा है। -हिमांशु गोगई, खंड शिक्षाधिकारी सतगढ़ कनालीछीना।