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चीन सीमा के करीब भारतीय जेट फाइटरों ने भरी उड़ान
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पिथौरागढ़। पूूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के वास्तविक नियंत्रण रेखा पार कर भारत की जमीन में घुसने की नापाक कोशिश और मानसरोवर क्षेत्र में मिसाइल बेस बनाने की सूचना के बाद लिपुलेख में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंगलवार को भारतीय जेट फाइटरों ने सीमा पर उड़ान भरी। सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने भी अग्रिम चौकियों में जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लद्दाख में चीनी सैनिकों की ओर से की जा रही उकसावे की हरकतों को देखते हुए पिथौरागढ़ जिले से सटी भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गईं हैं। लिपुलेख में सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान चीन की हर नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सचेत हैं।
मंगलवार को भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर ने सीमा पर उड़ान भरकर स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा, सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने भी अग्रिम चौकियों का निरीक्षण किया।
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सूत्रों के अनुसार लिपुलेख सीमा पर फिलहाल शांति है। चीन की ओर से किसी तरह की हरकत नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक उकसावे की कार्रवाई कर रहे हैं, उसे देखते हुए यहां पर भी इस तरह के हालात से निपटने की पूरी तैयारी की गई है।
चीन अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पीओके को बचाना चाहता है। इसलिए उकसावे के लिए इस तरह की कार्रवाई बार-बार कर रहा है। 14 जून के बाद से चीनी सैनिक सीमा पर इस तरह की हरकतें लगातार कर रहे हैं। वर्ष 1962 में चीन ने भारत को धोखा दिया था। तब हालात अलग थे, आज भारत की सेना हर परिस्थिति का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। यदि चीन कोई नापाक हरकत करता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। -रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल सत्यपाल सिंह गुलेरिया।
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चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लद्दाख में चीनी सैनिकों की ओर से की जा रही उकसावे की हरकतों को देखते हुए पिथौरागढ़ जिले से सटी भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गईं हैं। लिपुलेख में सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान चीन की हर नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सचेत हैं।
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मंगलवार को भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर ने सीमा पर उड़ान भरकर स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा, सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने भी अग्रिम चौकियों का निरीक्षण किया।
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सूत्रों के अनुसार लिपुलेख सीमा पर फिलहाल शांति है। चीन की ओर से किसी तरह की हरकत नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक उकसावे की कार्रवाई कर रहे हैं, उसे देखते हुए यहां पर भी इस तरह के हालात से निपटने की पूरी तैयारी की गई है।
चीन अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पीओके को बचाना चाहता है। इसलिए उकसावे के लिए इस तरह की कार्रवाई बार-बार कर रहा है। 14 जून के बाद से चीनी सैनिक सीमा पर इस तरह की हरकतें लगातार कर रहे हैं। वर्ष 1962 में चीन ने भारत को धोखा दिया था। तब हालात अलग थे, आज भारत की सेना हर परिस्थिति का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। यदि चीन कोई नापाक हरकत करता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। -रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल सत्यपाल सिंह गुलेरिया।