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चंडाक रोड से सटे इलाके में फिर तेंदुए की दस्तक
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/गणाईगंगोली
Updated Thu, 26 May 2016 10:35 PM IST
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तेंदुए की दस्तक
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के चंडाक रोड से लगे क्षेत्र में एक बार तेेंदुए की दस्तक से लोगों में दहशत है। फरवरी में इसी इलाके में आबादी में घुसे चार तेंदुए पकड़े गए थे। उधर, गणाईगंगोली के सिमाली गांव में दिन में तेंदुए ने बकरी पर धावा बोल दिया। बकरियों के साथ मौजूद 15 वर्षीय बालिका के साहस के कारण तेंदुआ बकरी को छोड़कर भाग गया। पशु चिकित्सक की तत्परता से बकरी की जान बच गई।
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बुधवार शाम करीब 7 बजे शहर के चंडाक रोड स्थित केएमवीएन के गेस्टहाउस के पास लोगों ने तेंदुआ देखा। इसके बाद उसी से सटे सेरा गांव में तेंदुआ दिखने से लोग घरों में दुबक गए। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता खीमराज जोशी ने आबादी में तेंदुआ दिखने की सूचना वन अफसरों को दी। उन्होंने वन विभाग से इलाके में पिंजरा लगाने की मांग की है। बता दें कि इसी इलाके में 14 फरवरी को तेंदुए के दो शावक पकड़े गए थे। फिर 18 फरवरी को मादा तेंदुआ और 22 फरवरी को नर तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ। जंगल से सटा यह इलाका तेंदुओं की मौजूदगी के लिए जाना जाता है।
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उधर, गणाईगंगोली से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह सिमाली निवासी कमला देवी की पुत्री सोनी (15) घर से 100 मीटर दूर बकरियों को चरा रही थी। सुबह करीब पौने नौ बजे अचानक तेंदुए ने एक बकरी पर हमला कर दिया। सोनी के चिल्लाने पर तेंदुआ बकरी को छोड़ कर भाग गया। लोगों ने बकरी के जख्मी होने की सूचना तत्काल पशु चिकित्सक डा. हिना मलिक को दी। डा. मलिक ने फार्मेसिस्ट उर्बा दत्त उप्रेती के साथ मौके पर पहुंच कर बकरी का इलाज किया। बकरी के गले में चार जख्म थे।
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