{"_id":"57190a7a4f1c1bcf4f8b49ac","slug":"burned-forest-mist-spreading","type":"story","status":"publish","title_hn":"धधक रहे जंगल, फैल रही धुंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धधक रहे जंगल, फैल रही धुंध
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी/कनालीछीना
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
धधक रहे जंगल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगल धधक रहे हैं, बहुमूल्य वनस्पति नष्ट हो रही है। पर्यावरण को खासा नुकसान पहुंच रहा है। हर तरफ छाई धुंध से बीमारियों का अंदेशा पैदा हो गया है। वहीं, वन महकमा जंगलों की आग बुझाने में नाकाम साबित हो गया है।
विज्ञापन
नाचनी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को भी रांया, बजेता, डुंगरी के जंगल आग से धधकते रहे। इन जंगलों से आग मुनस्यारी वन क्षेत्र के आरक्षित वन तक पहुंच गई। वन क्षेत्र चुनरिया, खोटला, टटियासैंण, ठुलगाड़ा के जंगलों में भी भयानक आग धधकी है। इन स्थानों पर कठोर चट्टान हैं। जल रहित इस क्षेत्र में आग बुझाना मुश्किल साबित होगा। 19 अप्रैल से खुनखुनियां के जंगल में लगी आग और भड़क गई है। ये आग डीडीहाट वन क्षेत्र की ओर बढ़ रही है। इमारती लकड़ी, बहुमूल्य जड़ीबूटियां जल रही हैं। वन पंचायतों के अधीन जंगलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
वन बीट अधिकारी रमेश सिंह लोधियाल बताते हैं कि उनके अधीन एक वन श्रमिक तैनात है, जिस कारण इतने बड़े क्षेत्र में जा पाना असंभव है। आग बुझाने के लिए किसी प्रकार का बजट भी नहीं मिला है। उधर, कनालीछीना के सिरोली के जंगल में बुधवार रात से जबरदस्त आग लगी है। चीड़, फल्यांट, बांज के जंगल जल रहे हैं। जंगल की आग गांव और ग्रामीणों के संग्रहीत घास के ढेरों के लिए खतरा बन गई है। आग बुझाने के लिए वन विभाग का कोई कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है।
विज्ञापन