फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Bltir village built using straw warehouse

बलतिर गांव में बनाए भूसा गोदाम का उपयोग नहीं

Sun, 26 Feb 2017 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल Updated Sun, 26 Feb 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
Bltir village built using straw warehouse
बलतिर गांव में लावारिस पड़ा भूसा गोदाम का भवन - फोटो : अमर उजाला

बलतिर गांव में 1995 में प्रशासन ने पांच लाख रुपए की लागत से जिस भूसा गोदाम का निर्माण किया था, उसका अब तक कोई उपयोग नहीं हुआ है। भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। किसी भी विभाग ने इस भवन को अपने अधीन नहीं लिया। वर्षों से लावारिस हालत में पड़े इस भवन का किसी अन्य काम में उपयोग करने की मांग गांव के लोग उठा चुके हैं, लेकिन इसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

विज्ञापन


गांव के लोगों ने बताया कि 1995 में तत्कालीन जिलाधिकारी अमरेंद्र सिन्हा ने कुछ अन्य भवनों के साथ बलतिर गांव में भूसा गोदाम के नाम पर एक भवन तैयार करवा दिया। तब लोगों को बताया गया कि इस गोदाम में पशुओं के चारे के लिए भूसा रखा जाएगा और उसे कम कीमत पर पशुपालकों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह भी कहा गया कि गोदाम का संचालन पशुपालन विभाग करेगा, लेकिन भवन बनने पर भी यह किसी भी विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को बलतिर में भूसा गोदाम का भवन होने की जानकारी तक नहीं है।
विज्ञापन


गांव के लोगों का कहना है कि यह भवन जर्जर हालत में पहुंचने लगा है। उसके चारों तरफ घास-फूस उग आई है। यदि जल्दी इसकी देखरेख नहीं हुई तो यह भवन ध्वस्त हो जाएगा। गांव के लोगों का कहना है कि यदि भूसा गोदाम के तौर पर इसका उपयोग संभव नहीं है तो किसी अन्य काम में इसका उपयोग किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


भूसा गोदाम को चालू किया जाए
बलतिर निवासी हरुली देवी का कहना है कि जिस समय यह गोदाम बनाया गया, उस समय लोगों को लगा कि अब जानवरों के चारे की समस्या हल हो जाएगी। इसके निर्माण के बाद किसी ने भी पलटकर नहीं देखा। वह कहती हैं कि भूसा गोदाम को चालू किया जाए। इससे पशुपालकों को लाभ मिलेगा। 


जनता के साथ धोखा न हो
बलतिर निवासी कुंती देवी का कहना है कि जानवरों के लिए चारे की समस्या हमेशा बनी रहती है। सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने की बात तो करती है, लेकिन इसके लिए कोई काम नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कोई भी काम ईमानदारी से करना चाहिए। इससे कम से कम जनता के साथ धोखा नहीं होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed