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पंचेश्वर बांध के विरोध में पुतला फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:42 PM IST
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पंचेश्वर बांध के विरोध में पुतला दहन करते झूलाघाट के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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पंचेश्वर बांध के विरोध में महाकाली नदी घाटी क्षेत्र के लोग संगठित होने लगे हैं। पंचेश्वर बांध की डीपीआर में डूब क्षेत्र के सबसे बड़े कस्बे और व्यापारिक मंडी झूलाघाट को गांव का दर्जा देने से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को सरकार का पुतला फूंका। चेतावनी दी कि यदि डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया तो गंभीर परिणाम होंगे।
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महाकाली की आवाज संगठन ने नदी घाटी क्षेत्र के लोगों को संगठित करना शुरू कर दिया है। दो दिन पहले भारत सरकार की सलाहकार कंपनी वाप्कोस ने पंचेश्वर बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को सार्वजनिक किया। इसमें बांध बनने पर डूब क्षेत्र के सबसे बड़े कस्बे झूलाघाट को व्यापारिक मंडी की जगह गांव का दर्ज दिया गया। साथ ही किराए की दुकानों और किसी भी तरीके के व्यापार करने वाले लोगों को इसमें शामिल नहीं किया है। इससे गुस्साए लोगों ने शुक्रवार को एसबीआई चौक के पास केंद्र सरकार का पुतला फूंका और कहा कि सरकार सीमांत के लोगों पर बांध को थोपना ही चाह रही है तो क्षेत्र के सभी मामलों को दरकिनार न करे।
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लोगों ने यह भी कहा कि जब सरकार समस्या का समाधान कर पाने की स्थिति में ही नहीं है तो नदी घाटी क्षेत्र के सभी लोगों का देश निकाला कर दे। पुतला फूंकने वालों में नीरज भट्ट, जगदीश ओली, मनोज जोशी, केशर चंद, हरीश बिष्ट, सुरेंद्र लुंठी, प्रकाश भट्ट, हेमंत पंगरिया, मोहन भट्ट, जनक चंद आदि थे।
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