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पिथौरागढ़ जिले के 100 इंटर कॉलेजों में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Sat, 08 Apr 2017 11:35 PM IST
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biometric machine
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जिले के 128 राजकीय इंटर कॉलेजों में से 100 में जल्दी ही बायोमेट्रिक मशीन लग जाएगी। विद्यालयों में बिजली और कंप्यूटर की उपलब्धता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। एक मई से इन विद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन काम करने लग जाएगी। अब विद्यालय में आने वाले हर शिक्षक और कर्मचारी के आने तथा जाने का समय बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज हो जाएगा। जिन विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा है वहां से तो बायोमेट्रिक की रिपोर्ट तत्काल शिक्षा निदेशालय के कार्यालय में पहुंच जाएगी। जहां पर इंटरनेट की सुविधा नहीं है वहां पर प्रधानाचार्य बायोमेट्रिक मशीन में कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकार्ड सुरक्षित रखेंगे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि बायोमेट्रिक सिस्टम लग जाने पर शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का सही पता चल जाएगा। बिना अवकाश लिए स्कूल न आने वाले शिक्षकों पर इससे शिकंजा कस जाएगा। उन्होंने बताया कि धीरे धीरे सभी विद्यालयों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ा जाएगा। उसके बाद तत्काल हर विद्यालय में कर्मचारियों और शिक्षकों की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले शिक्षा सत्र में जिले के जिन 16 राजकीय इंटर कॉलेजों को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया गया था उनमें पहले ही बायोमेट्रिक सिस्टम लग चुका है।
आदर्श विद्यालयों में ढांचागत सुविधा नहीं
पिथौरागढ़। जिले के हर विकासखंड में दो दो इंटर कालेजों, दो दो प्राथमिक स्कूलों और एक एक जूनियर हाईस्कूल को पिछले साल आदर्श विद्यालय का दर्जा तो दिया गया लेकिन उनमें ढांचागत सुविधाएं नहीं दी गई। बरम, तामानौली, बनकोट, पांखू इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य समेत महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए। कंप्यूटर आपरेटर, माली, स्वच्छक की नियुक्ति आउटसोर्स से होनी थी लेकिन सरकार आउटसोर्स एजेंसी को तय नहीं कर पाई। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि आदर्श विद्यालयों में इसी कारण कंप्यूटर आपरेटर, माली और स्वच्छक की तैनाती नहीं हो पाई।
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कुछ विद्यालयों में बढ़ी छात्रसंख्या
पिथौरागढ़। पिछले साल आदर्श विद्यालयों का अभिभावकों में जबर्दस्त क्रेज रहा। जिला मुख्यालय में केएनयू राजकीय इंटर कॉलेज, जीआईसी धारचूला, मदकोट, गुरना, मूनाकोट, मड़मानले में छात्रसंख्या बढ़ी थी। इसी तरह प्राथमिक स्कूल मड़मानले, बरम में भी छात्रसंख्या में वृद्धि रही लेकिन इस बार छात्रसंख्या बढ़ने को लेकर अधिकारी खुद संशय में हैं। विद्यार्थियों की असली संख्या का पता जुलाई में लगेगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि बायोमेट्रिक सिस्टम लग जाने पर शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का सही पता चल जाएगा। बिना अवकाश लिए स्कूल न आने वाले शिक्षकों पर इससे शिकंजा कस जाएगा। उन्होंने बताया कि धीरे धीरे सभी विद्यालयों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ा जाएगा। उसके बाद तत्काल हर विद्यालय में कर्मचारियों और शिक्षकों की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले शिक्षा सत्र में जिले के जिन 16 राजकीय इंटर कॉलेजों को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया गया था उनमें पहले ही बायोमेट्रिक सिस्टम लग चुका है।
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आदर्श विद्यालयों में ढांचागत सुविधा नहीं
पिथौरागढ़। जिले के हर विकासखंड में दो दो इंटर कालेजों, दो दो प्राथमिक स्कूलों और एक एक जूनियर हाईस्कूल को पिछले साल आदर्श विद्यालय का दर्जा तो दिया गया लेकिन उनमें ढांचागत सुविधाएं नहीं दी गई। बरम, तामानौली, बनकोट, पांखू इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य समेत महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए। कंप्यूटर आपरेटर, माली, स्वच्छक की नियुक्ति आउटसोर्स से होनी थी लेकिन सरकार आउटसोर्स एजेंसी को तय नहीं कर पाई। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने बताया कि आदर्श विद्यालयों में इसी कारण कंप्यूटर आपरेटर, माली और स्वच्छक की तैनाती नहीं हो पाई।
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कुछ विद्यालयों में बढ़ी छात्रसंख्या
पिथौरागढ़। पिछले साल आदर्श विद्यालयों का अभिभावकों में जबर्दस्त क्रेज रहा। जिला मुख्यालय में केएनयू राजकीय इंटर कॉलेज, जीआईसी धारचूला, मदकोट, गुरना, मूनाकोट, मड़मानले में छात्रसंख्या बढ़ी थी। इसी तरह प्राथमिक स्कूल मड़मानले, बरम में भी छात्रसंख्या में वृद्धि रही लेकिन इस बार छात्रसंख्या बढ़ने को लेकर अधिकारी खुद संशय में हैं। विद्यार्थियों की असली संख्या का पता जुलाई में लगेगा।