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बेड़ीनाग में पानी को लेकर हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:27 PM IST
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बेड़ीनाग में वाहन से पानी भरते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नगर में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। जल संस्थान की पेयजल योजना से लोगों के घरों में चौथे और पांचवें दिन आंशिक जलापूर्ति हो रही है। गंभीर स्थिति को देखते हुए जल संस्थान ने एक सरकारी टैंकर और पांच अन्य वाहनों को पेयजल वितरण में लगा दिया है। जिन हिस्सों तक सड़क नहीं है, वहां पर लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह मनोला ने बताया कि पानी की कमी को देखते हुए निजी वाहनों को पेयजल वितरण में लगाया गया है। अब जिस क्षेत्र में नलों में पानी नहीं आ रहा है उन क्षेत्रों में प्रतिदिन टैंकर और पिकप वाहनों से पानी बांटा जाएगा। नगर के जवाहर चौक, नया बाजार, ट्रेजरी मोहल्ला, गणेश चौक, पुराना बाजार, जमुना नगर, डिग्री कॉलेज, भटीगांव में वाहनों एवं टैंकर से रोज पानी की सप्लाई की जा रही है।
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करीब 15 हजार की आबादी वाले इस नगर में पेयजल की समस्या हर साल गहराती जा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि गोरघटिया पंपिंग योजना से पानी की सप्लाई कम हो रही है। यह योजना तब मात्र पांच हजार की आबादी की जरूरत को देखते हुए बनी थी, लेकिन अब आबादी तीन गुना ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन पेयजल योजना की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। अक्सर बिजली कटौती से भी पंपिंग पर असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अच्छी बारिश होने तक संकट बना रहेगा। पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए यहां पर कोई प्रयास नहीं हो पाए हैं।
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माता की कुटिया क्षेत्र में पानी का संकट
थल (पिथौरागढ़)। मल्ली गोल के माता की कुटिया क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस इलाके के लिए वर्ष 1985 में पेयजल योजना बनी थी। वर्तमान में योजना में पानी काफी कम हो गया है। पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। लोग दूर-दूर से पानी ढो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र लोहनी ने खंड विकास अधिकारी डीडीहाट को पत्र लिखकर माता की कुटिया क्षेत्र के लिए नई पेयजल योजना बनाने की मांग की है। कहा है कि माता की कुटिया क्षेत्र में बट, पीपल के प्राचीन पेड़ हैं, जिनकी पूजा की जाती है। उनमें जल चढ़ाया जाता है, लेकिन वर्तमान में जल चढ़ाने लायक भी पानी लोगों को नहीं मिल पाता है।