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कार्यबहिष्कार पर बैंककर्मी, तेवरों में नहीं दिखी नरमी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 11:55 PM IST
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Bank workers on boycott, did not show any softness in attitude
पिथौरागढ़ सिमलगैर में राष्ट्रीय बैंकों के अधिकारी और कर्मी प्रदर्शन करते हुए।संवाद न्यूज - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैंक कर्मियों ने कहा कि सरकार की नीतियां देश जनता के हित में नहीं हैं। दो दिन बैंकों की हड़ताल से चंपावत और पिथौरागढ़ में लगभग 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
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शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मियों ने एसबीआई सिमलगैर के आगे एकत्र होकर दूसरे दिन भी सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की बैंकिंग क्षेत्र की नीतियां हर वर्ग के लिए नुकसानदायी हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय सचिव एसबीआई अधिकारी संगठन हरीश चंद्र पुनेठा, सहायक महासचिव अर्जुन सिंह बसेड़ा, दिनेश चंद्र, बादल राज, संतोष मिश्रा, चेतन प्रकाश आदि थे।
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चंपावत जिले में दो दिन में 70 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन कर कहा कि निजीकरण से जहां एक ओर आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, वहीं बैंक कर्मियों की नौकरियों पर भी इसका असर पड़ेगा। वहां कमल राम, अनिल नग्न्याल, ललित कुमार सिंह, धीरज सुयाल, मुकेश जोशी, चंद्र बहादुर चंद आदि थे।
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जिले में राष्ट्रीय बैंकों की समस्त शाखाएं बंद रहीं। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से चंपावत और पिथौरागढ़ जिले में 300 करोड़ का नुकसान हुआ। 100 करोड़ का क्लियरिंग और 200 करोड़ के अन्य कार्य प्रभावित रहे। - अर्जुन सिंह बसेड़ा, सहायक महासचिव, एसबीआई अधिकारी एसोसिएशन
हड़ताल से लोग रहे परेशान
पिथौरागढ़/चंपावत। जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंकों की हड़ताल से जिले के 60 से अधिक एटीएम बंद रहे। लोगों को नकदी के लिए अन्य बैंकों के एटीएम का सहारा लेना पड़ा। बैंकों ही हड़ताल से लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। पंचेश्वर, डुंगरालेटी, रौंसाल बर्दाखान आदि स्थानों से बैंक में लेन देन के लिए आए लोग बैंक बंद होने से निराश होकर लौटे।
बैंकों की हड़ताल से कारोबारी रहे परेशान
पिथौरागढ़। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से जिले के कारोबारी बेहद परेशान रहे। उनके बैंक संबंधी काम पूरा नहीं हो सके। कारोबारियों ने कहा अगर सरकार की नीतियों के खिलाफ बैंक आंदोलन करते रहेंगे तो देश की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। सरकार की निति के चलते बैंकों की हड़ताल से व्यापारी और जनता को नुकसान उठाना पड़ता है।
बैंकों की हड़ताल से बैंकों में चेक क्लियर नहीं हो सके। ऐसे में कंपनी से सामान समय पर मिलने में दिक्कत होगी। बिक्री का रोकड़ भी जमा नहीं हो सका है। - निशांत मखौलिया, युवा व्यापारी, सिमलगैर बाजार

दो दिन तक बैंकों की हड़ताल के चलते व्यापार भी प्रभावित हुआ है। पार्टी को सामान का चेक दिया था। हड़ताल के चलते खाते में पैसा जमा नहीं हो सका। इससे चेक बाउंस हो गया। - तपन रावत, प्रीमियम इलेट्रिकल, गांधी चौक
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