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बद्रीनाथ और केदारनाथ जाएगी रिंगाल से बनी सामग्री
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Sat, 08 Apr 2017 11:41 PM IST
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रिंगाल
- फोटो : अमर उजाला
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चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद इस बार उत्तरापथ सेवा संस्थान मुवानी की ओर से तैयार की गई रिंगाल की सामग्री को बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम ले जाया जाएगा। वहां के लिए करीब नौ लाख रुपये मूल्य की सामग्री तैयार की जा रही है। इसमें मंदिर टोकरी, गुलदस्ता, केदार मंदिर का नमूना शामिल रहेगा। यह सारी सामग्री रिंगाल से तैयार की जाएगी। इससे पहले 13 अप्रैल से शुरू हो रहे थल मेले में भी इस सामग्री को ले जाया जाएगा। लोगों को प्लास्टिक से बनी वस्तुओं को त्यागने और रिंगाल से बनी वस्तुएं अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उत्तरापथ ने पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ी पहल की है।
उत्तरापथ संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने बताया कि मंदिर टोकरी की मांग सबसे ज्यादा है। पिछले दिनों पिथौरागढ़ में लगाए गए स्टाल में सबसे ज्यादा मंदिर टोकरी ही बिकी। बाद में यह सामग्री कम पड़ गई थी। उन्होंने कहा कि रिंगाल पहाड़ के लोगों की आजीविका का सबसे बेहतर साधन हो सकता है। पहले भी लोग रिंगाल से सामग्री तैयार करते थे लेकिन उसमें नए डिजायन नहीं ला पाते थे। पहले लोग रिंगाल से सिर्फ चटाई, टोकरी, डोका जैसी सामग्री ही तैयार कर पाते थे। अब रिंगाल से विभिन्न प्रकार की गृहोपयोगी सामग्री बनने लगी है। घरों की सजावट में यह सामग्री बेहद पसंद की जा रही है। उन्होंने बताया कि नौ मई से चारधाम यात्रा शुरू होगी। उससे पहले वह रिंगाल के उत्पादों को लेकर बद्रीनाथ और केदारनाथ पहुंच जाएंगे। रिंगाल की सामग्री तैयार करने में राधा खनका, पूरन भट्ट, पंकज कार्की, निर्मल पंत, लक्ष्मी चौहान, मास्टर ट्रेनर राजेश लाल सहयोग दे रहे हैं।
उत्तरापथ संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने बताया कि मंदिर टोकरी की मांग सबसे ज्यादा है। पिछले दिनों पिथौरागढ़ में लगाए गए स्टाल में सबसे ज्यादा मंदिर टोकरी ही बिकी। बाद में यह सामग्री कम पड़ गई थी। उन्होंने कहा कि रिंगाल पहाड़ के लोगों की आजीविका का सबसे बेहतर साधन हो सकता है। पहले भी लोग रिंगाल से सामग्री तैयार करते थे लेकिन उसमें नए डिजायन नहीं ला पाते थे। पहले लोग रिंगाल से सिर्फ चटाई, टोकरी, डोका जैसी सामग्री ही तैयार कर पाते थे। अब रिंगाल से विभिन्न प्रकार की गृहोपयोगी सामग्री बनने लगी है। घरों की सजावट में यह सामग्री बेहद पसंद की जा रही है। उन्होंने बताया कि नौ मई से चारधाम यात्रा शुरू होगी। उससे पहले वह रिंगाल के उत्पादों को लेकर बद्रीनाथ और केदारनाथ पहुंच जाएंगे। रिंगाल की सामग्री तैयार करने में राधा खनका, पूरन भट्ट, पंकज कार्की, निर्मल पंत, लक्ष्मी चौहान, मास्टर ट्रेनर राजेश लाल सहयोग दे रहे हैं।
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