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दो माह पहले पांच लाख की लागत से काटी गई सड़क ग्रामीणों के लिए बनी मुसीबत
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अस्कोट क्षेत्र में अस्कोट मल्लिकार्जुन गेट-चमलेख सड़क बारिश से इस तरह हुई बदहाल। संवाद न्यूज एज?
- फोटो : PITHORAGARH
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। दो माह पहले काटी गई अस्कोट मल्लिकार्जुन गेट-चमलेख सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर कई जगह कीचड़ और पानी भर गया है। इससे आवाजाही करना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।
मल्लिकार्जुन गेट से चमलेख गांव तक पांच लाख की लागत से विधायक निधि से काटी गई ढाई किमी सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से रास्ते में कई जगह मलबा आ रहा है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी से कभी भी पत्थर और मलबा अचानक नीचे गिर जाता है।
इसकी चपेट में आने से लोग चोटिल भी हो रहे हैं। ऐसे में बीमार बुजुर्ग और महिलाओं को अस्पताल ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में अधिकतर लोग मुर्गी और बकरी पालन करते हैं। ऐसे हालात में ग्रामीण गांव तक मुर्गी दाना और चारा भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ग्रामीण विनोद बसेड़ा ने कहा कि सड़क काटने के बाद किसी ने सुध नहीं ली।
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500 की आबादी के लिए काटी गई सड़क अब कीचड़ से पट गई है। जो पैदल चलने लायक भी नहीं रही। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। कांग्रेस नेता प्रदीप पाल ने कहा कि सड़क काटने के बाद उसमें डामर किया जाना चाहिए लेकिन क्षेत्रीय विधायक एवं पेयजल मंत्री ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
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मल्लिकार्जुन गेट से चमलेख गांव तक पांच लाख की लागत से विधायक निधि से काटी गई ढाई किमी सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से रास्ते में कई जगह मलबा आ रहा है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी से कभी भी पत्थर और मलबा अचानक नीचे गिर जाता है।
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इसकी चपेट में आने से लोग चोटिल भी हो रहे हैं। ऐसे में बीमार बुजुर्ग और महिलाओं को अस्पताल ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में अधिकतर लोग मुर्गी और बकरी पालन करते हैं। ऐसे हालात में ग्रामीण गांव तक मुर्गी दाना और चारा भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ग्रामीण विनोद बसेड़ा ने कहा कि सड़क काटने के बाद किसी ने सुध नहीं ली।
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500 की आबादी के लिए काटी गई सड़क अब कीचड़ से पट गई है। जो पैदल चलने लायक भी नहीं रही। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। कांग्रेस नेता प्रदीप पाल ने कहा कि सड़क काटने के बाद उसमें डामर किया जाना चाहिए लेकिन क्षेत्रीय विधायक एवं पेयजल मंत्री ने इस पर ध्यान नहीं दिया।