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लिपुलेख में तीन अगस्त को ही हो गया था स्नोफाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Sun, 14 Aug 2016 10:52 PM IST
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थिरागढ़ टीआरसी में कैलास यात्रियों का 12वां दल।
- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौटे 12वें दल के सदस्यों का कहना है कि जब तीन अगस्त को वह लिपुलेख दर्रा पारकर तिब्बत में प्रवेश कर रहे थे उस दिन वहां पर हल्का हिमपात होने लगा था। बाद में तिब्बत के डोलमा दर्रे में भी ताजा बर्फ मिली। देश के विभिन्न शहरों और गर्म इलाकों से यात्रा में गए यात्रियों के लिए अगस्त में हिमपात का नजारा देखना किसी आश्चर्य से कम नहीं था।
34 सदस्यीय दल के लायजन आफीसर बालाजी मजूमदार ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम कब कैसी करवट ले ले कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से यात्रा में किसी प्रकार की बाधा नहीं पहुंची। वह बताते हैं कि तिब्बत में विकास की गति काफी तेज है।
वहां की सड़कें और संचार सेवा बेहद पुख्ता है। चीन ने तिब्बत में विकास पर ज्यादा ध्यान दिया है। यह बात अलग है कि आज भी भारतीय क्षेत्र में यात्रियों को पैदल सफर करना पड़ता है। धारचूला से आगे जाने पर संचार का कोई नेटवर्क नहीं मिलता। यात्रा मार्ग में सरकारी इंतजामों के बारे में मजूमदार ने बताया कि भारतीय क्षेत्र में उम्मीद से बेहतर व्यवस्थाएं हैं।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी ने सभी जगह बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। यहां पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी और उनके स्टाफ ने यात्रियों की अगवानी की। यात्रा दल दोपहर भोजन के लिए यहां पहुंचा था। यात्री सोमवार की सुबह यहां पौधरोपण करेंगे और स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दिल्ली को रवाना होंगे।
34 सदस्यीय दल के लायजन आफीसर बालाजी मजूमदार ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम कब कैसी करवट ले ले कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से यात्रा में किसी प्रकार की बाधा नहीं पहुंची। वह बताते हैं कि तिब्बत में विकास की गति काफी तेज है।
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वहां की सड़कें और संचार सेवा बेहद पुख्ता है। चीन ने तिब्बत में विकास पर ज्यादा ध्यान दिया है। यह बात अलग है कि आज भी भारतीय क्षेत्र में यात्रियों को पैदल सफर करना पड़ता है। धारचूला से आगे जाने पर संचार का कोई नेटवर्क नहीं मिलता। यात्रा मार्ग में सरकारी इंतजामों के बारे में मजूमदार ने बताया कि भारतीय क्षेत्र में उम्मीद से बेहतर व्यवस्थाएं हैं।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी ने सभी जगह बेहतर व्यवस्थाएं की हैं। यहां पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी और उनके स्टाफ ने यात्रियों की अगवानी की। यात्रा दल दोपहर भोजन के लिए यहां पहुंचा था। यात्री सोमवार की सुबह यहां पौधरोपण करेंगे और स्वाधीनता दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दिल्ली को रवाना होंगे।