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आठूं महोत्सव में बिखर रहे संस्कृति के विविध रंग
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 28 Aug 2016 10:37 PM IST
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आठूं महोत्सव का गायन सुनने उमड़ा जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
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रामलीला प्रबंधकारिणी समिति की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित सातूं-आंठू महोत्सव में लोक परंपरा, लोक संस्कृति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण अंचलों के आठूं दल महोत्सव में प्रस्तुति दे रहे हैं। नाचनी, अस्कोट क्षेत्र में भी आठूं की धूम मची है।
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नगर सातूं-आठूं में सराबोर है। महोत्सव में आने वाले सातूं-आंठू वाले दल तरह-तरह के क्रियाकलापों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। इसमें हुड़का, दमुवा, ढोल आदि पारंपरिक वाद्ययंत्रों का समावेश देखने को मिल रहा है। कलाकारों का कहना है कि इस तरह के आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, जिससे लोगों को विलुप्त होती संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा और संस्कृति संरक्षण के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। महोत्सव सोमवार को भी जारी रहेगा।
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उधर, नाचनी के भैंसखाल समेत कई गांवों में आठूं की धूम मची है। महिला, पुरुष एक स्थान पर एकत्र होकर आठूं की विधा का प्रदर्शन कर रहे हैं। अस्कोट के कई गांव आठूं के रंग में रंगे हैं। दिन-रात आठूं गायन का दौर चल रहा है। आठूं पर्व के लिए प्रवासी ग्राम वासी घर लौटे हैं। आठूं पर्व लोगों के आपसी मिलन का केंद्र बना हुआ है।
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