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कम उम्र में ही हारमोनियम मास्टर बन गए पंकज
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
Updated Sun, 09 Oct 2016 10:54 PM IST
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हारमोनियम मास्टर पंकज पंत
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊंनी रामलीला में हारमोनियम वादक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पात्रों को तालीम देने का जिम्मा भी इनके पास होता है। तभी इन्हें तालीम मास्टर भी कहते हैं। बेड़ीनाग की रामलीला में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी 27 वर्षीय के पंकज पंत दो साल से निभा रहे हैं। पढ़ाई के बाद प्राइवेट जॉब कर रहे पंकज रामलीला शुरू होते ही यहां पहुंच जाते हैं।
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पंकज ने बताया कि बचपन से उन्हें रामलीला का बेहद शौक था। वह कई पात्रों की भूमिका निभा चुके हैं। तालीम मास्टरों की संगत में इसने यह हुनर सीखा और कम उम्र में ही महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया। उनको रामलीला में गाए जाने वाले राम मालकोश, विहाग, सहाना, जैजैवंती, देश, खमाज का बेहतरीन ज्ञान है। जब उनकी अंगुलियां हारमोनियम पर चलती हैं तो दर्शक देखते रह जाते हैं।
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खास बात यह है कि उनको हारमोनियम बजाने के साथ-साथ अभिनय की भी गहरी जानकारी है। यहां तबला वादक मनोज मिश्रा राजकीय हाईस्कूल चामाचौड़ में प्रभारी प्रधानाचार्य हैं। हारमोनियम और तबले की बेहतरीन जुगलबंदी से यहां की रामलीला का आकर्षण बेहतरीन हो जाता है।
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