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आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने उठाई मानदेय के भुगतान की मांग
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गंगोलीहाट में मानदेय देने की मांग करती आशा वर्कर्स।
- फोटो : PITHORAGARH
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कोरोना महामारी के समय स्वास्थ्य सेवाओं में लगी आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय का भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता लॉकडाउन के समय उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनी हैं। इसके बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है।
यूनियन की पदाधिकारियों ने उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही मानदेय का भुगतान करने, कोविड-19 के कार्य में लगी आशा वर्कर्स की पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था करने, आशा वर्कर्स को 10 हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता भुगतान करने, आशा वर्करों का 50 लाख का जीवन बीमा और 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा करने, आशा वर्कर्स को बीमा योजना से आच्छादित करने, सभी आशाओं को सरकारी सेवक का दर्जा और समान वेतन देने और इस व्यवस्था के लागू होने तक 21 हजार रुपये मासिक मानदेय का भुगतान करने की मांग उठाई।
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ज्ञापन भेजने वालों में अध्यक्ष उमा महरा, रेखा सौन, सुमन धानिक, सबीता देवी, सीमा देवी, रेखा देवी, हरिप्रिया, दीपा आदि शामिल रहे।
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उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता लॉकडाउन के समय उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनी हैं। इसके बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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यूनियन की पदाधिकारियों ने उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही मानदेय का भुगतान करने, कोविड-19 के कार्य में लगी आशा वर्कर्स की पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था करने, आशा वर्कर्स को 10 हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता भुगतान करने, आशा वर्करों का 50 लाख का जीवन बीमा और 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा करने, आशा वर्कर्स को बीमा योजना से आच्छादित करने, सभी आशाओं को सरकारी सेवक का दर्जा और समान वेतन देने और इस व्यवस्था के लागू होने तक 21 हजार रुपये मासिक मानदेय का भुगतान करने की मांग उठाई।
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ज्ञापन भेजने वालों में अध्यक्ष उमा महरा, रेखा सौन, सुमन धानिक, सबीता देवी, सीमा देवी, रेखा देवी, हरिप्रिया, दीपा आदि शामिल रहे।