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Pithoragarh News: ऑनलाइन कारोबार ने पकड़ी रफ्तार तो ठंडा पड़ा शहर का बाजार
Sat, 27 Sep 2025 08:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 27 Sep 2025 08:00 PM IST
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पिथौरागढ़। ऑनलाइन खरीदारी से आम जनता को घर बैठे सामान उपलब्ध होने की सुविधा मिल रही है लेकिन इससे स्थानीय कारोबार घट गया है। ऑनलाइन खरीदारी की मार कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन के कारोबारियों पर भी पड़ी है। स्थानीय कारोबारियों ने बताया कि पांच साल पूर्व तक श्राद्ध पक्ष बीतने के बाद नवरात्र पर हर रोज 10 से 15 हजार रुपये की बिक्री होती थी जो अब घटकर आधे से भी कम रह गई है।
कारोबारियों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन, किराने की सामग्री सहित कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की स्थानीय स्तर पर खरीदारी काफी घट गई है। कपड़ा कारोबारियों ने बताया कि पांच साल पहले तक हर रोज औसतन 15 हजार के आसपास बिक्री होती थी जो अब घटकर सिर्फ तीन से चार हजार रह गई है। ऐसा ही कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन और इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों का। कारोबारियों का कहना है कि हालात यह हैं कि दुकान में रखे कर्मचारियों का वेतन देने के साथ ही किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बताया कि इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र पर दुकानों में भीड़ नहीं है। कहा अब करवाचौथ और दीपावली से उम्मीद है। व्यापारियों ने बताया कि जिले में हर रोज 70 से 80 लाख रुपये की ऑनलाइन जबकि स्थानीय दुकानों से 30 से 40 लाख रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
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कारोबारियों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन, किराने की सामग्री सहित कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की स्थानीय स्तर पर खरीदारी काफी घट गई है। कपड़ा कारोबारियों ने बताया कि पांच साल पहले तक हर रोज औसतन 15 हजार के आसपास बिक्री होती थी जो अब घटकर सिर्फ तीन से चार हजार रह गई है। ऐसा ही कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन और इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों का। कारोबारियों का कहना है कि हालात यह हैं कि दुकान में रखे कर्मचारियों का वेतन देने के साथ ही किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बताया कि इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र पर दुकानों में भीड़ नहीं है। कहा अब करवाचौथ और दीपावली से उम्मीद है। व्यापारियों ने बताया कि जिले में हर रोज 70 से 80 लाख रुपये की ऑनलाइन जबकि स्थानीय दुकानों से 30 से 40 लाख रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
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