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एक जून के बाद नहीं होगा ट्रेड परमिट के लिए आवेदन
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 27 Mar 2017 10:56 PM IST
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भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार के लिए इस बार केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्र सरकार के मानक संचालन प्रक्रिया की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब एक जून के बाद किसी भी व्यापारी और हेल्पर का ट्रेड परमिट के लिए आवेदनपत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। पिछले साल तक प्रशासन सितंबर तक भी आवेदनपत्र जमा करता रहता था। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बाकायदा इसके लिए समयसीमा तय करते हुए कहा है कि 15 अप्रैल से ट्रेड परमिट के लिए आवेदनपत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार की शुरुआत जून में होती है और व्यापारी 31 अक्तूबर तक तिब्बत की मंडी तकलाकोट में रहते हैं। व्यापारी लिपुलेख दर्रा पारकर तिब्बत में प्रवेश करते हैं और गुंजी में उनके लिए मंडी की स्थापना की जाती है।
उपजिलाधिकारी तथा व्यापार के लिए नामित ट्रेड अधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि इस वर्ष जो लोग भारत-तिब्बत व्यापार में हिस्सा लेना चाहते हैं वह 15 अप्रैल से अपने आवेदनपत्र जमा कर दें। इन आवेदनपत्रों को जांच के लिए देहरादून भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट सही आने पर ट्रेड परमिट जारी किए जाएंगे। व्यापार में हर साल बड़ी संख्या में व्यापारी और हेल्पर हिस्सा लेते हैं। व्यापारी अलग अलग जत्थों में तिब्बत की मंडी तकलाकोट पहुंचते हैं और ठीक उसी तरह उनकी वापसी भी होती है।
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एसडीएम ने बताया कि व्यापारियों तथा भारत-तिब्बत व्यापार समिति के पदाधिकारियों को नए आदेश की जानकारी दे दी गई है। भारत तिब्बत व्यापार समिति के जीवन रौंकली, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा है कि नए आदेश से व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ेगी क्योंकि आवेदनपत्र जमा करने के लिए समयसीमा तय करना गलत है। कई व्यापारी अगस्त और सितंबर में भी आवेदन करते हैं। व्यापार के अंतिम चरण में भी कई व्यापारी तिब्बत की मंडी जाते रहते हैं। अब यदि निर्धारित समयसीमा में कोई व्यापारी आवेदन नहीं कर पाया तो वह व्यापार में हिस्सा लेने से वंचित रह जाएगा। बहरहाल प्रशासन नए आदेश के अनुसार ही इस बार की व्यापार प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार की शुरुआत जून में होती है और व्यापारी 31 अक्तूबर तक तिब्बत की मंडी तकलाकोट में रहते हैं। व्यापारी लिपुलेख दर्रा पारकर तिब्बत में प्रवेश करते हैं और गुंजी में उनके लिए मंडी की स्थापना की जाती है।
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उपजिलाधिकारी तथा व्यापार के लिए नामित ट्रेड अधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि इस वर्ष जो लोग भारत-तिब्बत व्यापार में हिस्सा लेना चाहते हैं वह 15 अप्रैल से अपने आवेदनपत्र जमा कर दें। इन आवेदनपत्रों को जांच के लिए देहरादून भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट सही आने पर ट्रेड परमिट जारी किए जाएंगे। व्यापार में हर साल बड़ी संख्या में व्यापारी और हेल्पर हिस्सा लेते हैं। व्यापारी अलग अलग जत्थों में तिब्बत की मंडी तकलाकोट पहुंचते हैं और ठीक उसी तरह उनकी वापसी भी होती है।
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एसडीएम ने बताया कि व्यापारियों तथा भारत-तिब्बत व्यापार समिति के पदाधिकारियों को नए आदेश की जानकारी दे दी गई है। भारत तिब्बत व्यापार समिति के जीवन रौंकली, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा है कि नए आदेश से व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ेगी क्योंकि आवेदनपत्र जमा करने के लिए समयसीमा तय करना गलत है। कई व्यापारी अगस्त और सितंबर में भी आवेदन करते हैं। व्यापार के अंतिम चरण में भी कई व्यापारी तिब्बत की मंडी जाते रहते हैं। अब यदि निर्धारित समयसीमा में कोई व्यापारी आवेदन नहीं कर पाया तो वह व्यापार में हिस्सा लेने से वंचित रह जाएगा। बहरहाल प्रशासन नए आदेश के अनुसार ही इस बार की व्यापार प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।