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भारी हिमपात से सेब का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Sun, 26 Feb 2017 10:33 PM IST
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गुंजी में बर्फ से ढंके सेब के पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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उच्च हिमालयी क्षेत्र की अग्रिम चौकियों के आसपास आईटीबीपी द्वारा लगाए गए सेब के पौधों को इस बार हुए भारी हिमपात से अच्छी खुराक मिल गई है। आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि सेब के लिए बर्फबारी बेहद जरूरी है। आईटीबीपी न गर्ब्यांग, गुंजी, कालापानी, कुटी में हिमाचल और कश्मीर से लाकर बेहतरीन क्वालिटी के सेब के पौधे लगाए हैं। 2007 में इन पौधों को लगाया गया। दो साल से इन पेड़ों में फल आने लगे हैं।
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आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि हर साल नए पौधों का रोपण किया जाता है। इस समय 100 पेड़ ऐसे हैं जिनमें फल आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस बार फरवरी अंतिम सप्ताह तक हिमपात हो रहा है। इससे सेब का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। सेब में इस महीने से फल आने लगते हैं और जून के अंत से फल तैयार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष कम हिमपात के कारण सेब का उत्पादन कम हुआ था।
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सेनानी ने कहा कि यदि स्थानीय लोग सेब के पौधे लगाने में रुचि रखेंगे तो आईटीबीपी उनकी पूरी मदद करेगी। आईटीबीपी के बगीचों में पैदा होने वाले सेबों का उपयोग वह खुद ही करती है। इनका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाता। बगीचों की देखभाल का काम आईटीबीपी स्वयं करती है।
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मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर फिर हिमपात
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद फिर से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। ऊंची चोटियों पर हिमपात से निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर बना है। मुनस्यारी में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर बाद पंचाचूली, राजरंभा, हंसलिंग की चोटियों पर हिमपात हुआ। मुनस्यारी समेत आसपास के इलाकों में तेज हवा का असर बना रहा और कड़ाके की ठंड से लोग परेशान रहे। उधर, कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर भी गुंजी से आगे के क्षेत्र में हल्का हिमपात हुआ।