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आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा को मिलाने के विरोध में उपवास में बैठे डॉक्टर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 12:44 AM IST
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Apose of Mixotherepi by IMA
पिथौरागढ़ में उपवास पर बैठे निजी अस्पतालों के चिकित्सक। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। निजी अस्पतालों के डॉक्टर सरकार की ओर से देश में मिक्सोथेरेपी लागू करने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ धरना, प्रदर्शन किया। निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने शीघ्र मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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बृहस्पतिवार को निजी अस्पतालों के डॉक्टर कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए। उन्होंने यहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया और उपवास पर बैठे। आइएमए के अध्यक्ष डॉ. आरके खर्कवाल ने बताया कि आयुर्वेदिक पद्धति आधुनिक चिकित्सा से बिल्कुल भिन्न है। दोनों को एक करने से दोनों पद्धतियों को नुकसान होगा। इससे डॉक्टरों और मरीजों को असुविधा होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक और आयुर्वेदिक में उपचार की विधियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि सर्जरी सहित अन्य जटिल ऑपरेशनों के लिए एलोपैथिक चिकित्सकों को कोर्स करना पड़ता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को इसका अनुभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पेथियों को मिलाने संबंधी सरकार का निर्णय समझ से परे है। इसीलिए आईएमए आपत्ति जता रही है। इस दौरान उपाध्यक्ष डॉ. पीएस बसेड़ा, सचिव डॉ. जेसी गड़कोटी, कोषाध्यक्ष डॉ. अतुल बिष्ट, डॉ. मयंक बिष्ट, डॉ. एके पुनेठा आदि रहे।
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निजी अस्पतालों में लगी रोगियों की भीड़
पिथौरागढ़। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की हड़ताल से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोगी अस्पताल में उपचार के लिए लाइन में लगे रहे। लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों के न होने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। इसलिए मरीजों ने भी कहा कि सरकार को डॉक्टरों की मांग पूरी करनी चाहिए।
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एलोपैथिक, आयुर्वेदिक को मिलाना सहीं नहीं है। आयुर्वेद पौराणिक चिकित्सा पद्धति है। इसमें उपचार की विधियां अलग हैं। एलोपैथिक आधुनिक चिकित्सा पद्धति है। सर्जरी, ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग की जरूरत है। बिना प्रशिक्षण के आयुर्वेदिक चिकित्सक सर्जरी और ऑपरेशन नहीं कर सकेंगे।
- डॉ. मयंक बिष्ट
आयुर्विज्ञान में संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है। अगर एलोपैथी और आयुर्वेद से मरीजों का मिक्स उपचार होगा तो भ्रम की स्थिति पैदा होगी। दोनों में उपचार की अलग विधियां हैं। दवाएं दोनों में अलग हैं, इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे। मिक्सोथेरेपी का निर्णय गलत है। इसी का विरोध किया जा रहा है।

-डॉ. अतुल बिष्ट
नमक और गुड़ के अलग गुण हैं। सरकार आयुर्वेद और एलोपैथ को मिलाने का प्रयास कर रही है। इससे हमारी चिकित्सा पद्धति एक शताब्दी पीछे चली जाएगी। मिक्सोथेरेपी के दूरगामी परिणाम खराब होंगे। इसके साइड इफेक्ट भी होंगे, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा।
-डॉ. रमेश गड़कोटी
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