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Pithoragarh News: कोटना के जंगल में अराजकतत्वों ने लगाई आग
Wed, 24 Apr 2024 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 24 Apr 2024 10:46 PM IST
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चंपावत के कोट अमोड़ी में नाप खेतों में लगी आग। संवाद
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। चौकोड़ी में मां कोटना देवी मंदिर परिसर को स्थानीय लोगों ने माता भगवती को समर्पित किया है। प्रति वर्ष हरेला के दिन कोटना वन परिसर में एक हजार पौधों का रोपण किया जाता है। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने जंगल को आग के हवाले कर दिया है। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गैड़ा ने लोगों से अपील की है कि कोटना वन परिसर में किसी भी व्यक्ति को आग लगाते हुए देखें तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले करें। उन्होंने कहा है कि जहां तक संभव हो अपने आसपास के जंगलों को आग से बचाने के लिए आगे आएं। उनका कहना है कि अभी पर्यटन सीजन है। बाहर से काफी संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं, यदि जंगल इसी तरह जलते रहे तो उन्हें क्या दिखाओगे। गैड़ा का कहना है कि यह सीजन पेडा़ें में नई कपोलों के खिलने का है। जंगलों में पक्षी अंडे देते हैं। कहा है कि वन में हिरन, चीतल, घुरड़ अपनी जान बचाते फिर रहे हैं। आग बुझाने में रमेश जोशी, दीपा देवी, देवन कार्की, हरीश खाती, हीरा गैड़ा, संदीप बाफिला आदि शामिल रहे। संवाद
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क्रांतेश्वर कंपार्टमेंट के जंगल में धधकी वनाग्नि
क्वैराला घाटी क्षेत्र में वनाग्नि की धुंध से लोग परेशान
बहुमूल्य वन संपदा को पहुंचा भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले के विभिन्न स्थानों में गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही वनों में आग लगने की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को जिला मुख्यालय के समीपवर्ती क्रांतेश्वर कंपार्टमेंट में वनाग्नि धधक उठी। देखते ही देखते वनाग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा। रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया कि वन विभाग की टीम को वनाग्नि पर काबू पाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर जिले के क्वैराला घाटी क्षेत्र के जंगलों में लगी आग के कारण वातावरण में धुंध और धुंआ-धुंआ हो गया है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वनों में आग नहीं लगाने की अपील
चंपावत। जिले में वनाग्नि की लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए एसपी अजय गणपति ने लोगों से वनों में आग न लगाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि बीड़ी, सिगरेट पीकर जंगल या आग लगने वाली जगहों पर ना फेंके, जंगल के आसपास अगर कोई खेत खलिहान हो तो उस खेत में आग न लगाए, अगर किसी कारण से आग लगाना आवश्यक हो तो उस आग को पूर्ण तरीके से बुझा दें। इसके अलावा जंगलों में घूमने फिरने आने वाले पर्यटक जंगलों में आग न लगाएं, यदि आग लगाते हैं तो उसे पूर्ण बुझा दें। घास प्राप्ति के लिए किसी भी प्रकार की आग न जलाएं। जहां तक भी संभव हो आग बुझाने में पुलिस का सहयोग करें और अग्निशमन विभाग को संपर्क करें। एसपी ने कहा कि वनों में आग लगाना एक दंडनीय अपराध है।यदि कोई असामाजिक तत्व वनों में आग लगाता है तो उसकी सूचना चंपावत पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112, 94111-12984 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। संवाद
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वनाग्नि रोकने को सख्ती शुरू, अलग-अलग पांच रिपोर्ट दर्ज
टनकपुर (चंपावत)। बूम वन रेंज में वनाग्नि रोकने के लिए वन कर्मियों ने सख्ती तेज कर दी है। जंगल में आग लगाने के अलग-अलग मामलों में अब तक पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि 21 अप्रैल और 22 अप्रैल को आरक्षित वन क्षेत्र टांड बीट, पूर्वी कोटकेंद्री बीट, जड़ियाखाल बीट, पूर्वी छीनी बीट में वनाग्नि की पांच घटनाएं हुई थीं। इस मामले में वन कर्मियों ने आग के कारणों की जांच की। इस पर पांच अलग-अलग मामलों में आरोपी सुरजीत, रामीराम कोहली, ओमप्रकाश बहादुर, संदीप थापा और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने लोगों से वनाग्नि को रोकने के लिए विभाग का सहयोग करने की अपील की है। संवाद
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नाप खेतों में लगी भीषण आग
चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी क्षेत्र के नाप खेतों में भीषण आग लगी हुई है। इससे इलाके में आग के साथ धुंआ फैला हुआ है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के नाप खेतों में भीषण आग लग गई। आग लगने से क्षेत्र मेंं धुंआ ही धुंआ हो गया है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानियां आ रही है। संवाद
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सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गैड़ा ने लोगों से अपील की है कि कोटना वन परिसर में किसी भी व्यक्ति को आग लगाते हुए देखें तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले करें। उन्होंने कहा है कि जहां तक संभव हो अपने आसपास के जंगलों को आग से बचाने के लिए आगे आएं। उनका कहना है कि अभी पर्यटन सीजन है। बाहर से काफी संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं, यदि जंगल इसी तरह जलते रहे तो उन्हें क्या दिखाओगे। गैड़ा का कहना है कि यह सीजन पेडा़ें में नई कपोलों के खिलने का है। जंगलों में पक्षी अंडे देते हैं। कहा है कि वन में हिरन, चीतल, घुरड़ अपनी जान बचाते फिर रहे हैं। आग बुझाने में रमेश जोशी, दीपा देवी, देवन कार्की, हरीश खाती, हीरा गैड़ा, संदीप बाफिला आदि शामिल रहे। संवाद
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क्रांतेश्वर कंपार्टमेंट के जंगल में धधकी वनाग्नि
क्वैराला घाटी क्षेत्र में वनाग्नि की धुंध से लोग परेशान
बहुमूल्य वन संपदा को पहुंचा भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले के विभिन्न स्थानों में गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही वनों में आग लगने की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को जिला मुख्यालय के समीपवर्ती क्रांतेश्वर कंपार्टमेंट में वनाग्नि धधक उठी। देखते ही देखते वनाग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा। रेंजर बृजमोहन टम्टा ने बताया कि वन विभाग की टीम को वनाग्नि पर काबू पाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर जिले के क्वैराला घाटी क्षेत्र के जंगलों में लगी आग के कारण वातावरण में धुंध और धुंआ-धुंआ हो गया है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वनों में आग नहीं लगाने की अपील
चंपावत। जिले में वनाग्नि की लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए एसपी अजय गणपति ने लोगों से वनों में आग न लगाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि बीड़ी, सिगरेट पीकर जंगल या आग लगने वाली जगहों पर ना फेंके, जंगल के आसपास अगर कोई खेत खलिहान हो तो उस खेत में आग न लगाए, अगर किसी कारण से आग लगाना आवश्यक हो तो उस आग को पूर्ण तरीके से बुझा दें। इसके अलावा जंगलों में घूमने फिरने आने वाले पर्यटक जंगलों में आग न लगाएं, यदि आग लगाते हैं तो उसे पूर्ण बुझा दें। घास प्राप्ति के लिए किसी भी प्रकार की आग न जलाएं। जहां तक भी संभव हो आग बुझाने में पुलिस का सहयोग करें और अग्निशमन विभाग को संपर्क करें। एसपी ने कहा कि वनों में आग लगाना एक दंडनीय अपराध है।यदि कोई असामाजिक तत्व वनों में आग लगाता है तो उसकी सूचना चंपावत पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112, 94111-12984 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। संवाद
वनाग्नि रोकने को सख्ती शुरू, अलग-अलग पांच रिपोर्ट दर्ज
टनकपुर (चंपावत)। बूम वन रेंज में वनाग्नि रोकने के लिए वन कर्मियों ने सख्ती तेज कर दी है। जंगल में आग लगाने के अलग-अलग मामलों में अब तक पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि 21 अप्रैल और 22 अप्रैल को आरक्षित वन क्षेत्र टांड बीट, पूर्वी कोटकेंद्री बीट, जड़ियाखाल बीट, पूर्वी छीनी बीट में वनाग्नि की पांच घटनाएं हुई थीं। इस मामले में वन कर्मियों ने आग के कारणों की जांच की। इस पर पांच अलग-अलग मामलों में आरोपी सुरजीत, रामीराम कोहली, ओमप्रकाश बहादुर, संदीप थापा और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने लोगों से वनाग्नि को रोकने के लिए विभाग का सहयोग करने की अपील की है। संवाद
नाप खेतों में लगी भीषण आग
चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी क्षेत्र के नाप खेतों में भीषण आग लगी हुई है। इससे इलाके में आग के साथ धुंआ फैला हुआ है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के नाप खेतों में भीषण आग लग गई। आग लगने से क्षेत्र मेंं धुंआ ही धुंआ हो गया है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानियां आ रही है। संवाद