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चुपकोट बैंड में मलबा आने से सात घंटे बंद रही बारहमासी सड़क

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 11:40 PM IST
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All-weather road closed for seven hours due to debris in Chupkot band
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क चुपकोट बैंड में मलबा आने से फिर बंद हो गई। भारी मात्रा में सड़क पर मलबा और बोल्डर जमा होने से रविवार को सुबह चार बजे से 11 बजे तक यातायात ठप रहा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।
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पिथौरागढ़-घाट सड़क पिथौरागढ़ जिले की जीवन रेखा मानी जाती है। बारहमासी सड़क का काम अब लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन यह सड़क पिथौरागढ़ से घाट तक लगभग पांच स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण खतरनाक बनी हुई है। सड़क का सबसे संवेदनशील स्थान चुपकोट बैंड है। इस स्थान पर पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर चार बार मलबा आने से सड़क बंद हो चुकी है। शनिवार की देर रात भी भारी मात्रा में मलबा आ गया। इसके चलते रविवार की सुबह यातायात प्रभावित रहा। तड़के चार बजे पिथौरागढ़ से टनकपुर और हल्द्वानी के लिए निकले वाहन मार्ग पर ही फंस गए। मैदानी क्षेत्रों से आ रही टैक्सियों के साथ ही दूध, सब्जी, गैस और राशन सहित ट्रांसपोर्ट के दर्जनों ट्रकों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर एनएच विभाग की ओर से जेसीबी मौके पर भेजी गई। इस दौरान बार-बार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण सड़क खोलने के काम में बाधा आती रही। इससे दोनों ओर वाहनों में फंसे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगभग 11 बजे सड़क वाहनों के लिए खोल दी गई। इसके बाद ही सुबह से फंसे लोग गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
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बरसात में बड़ी मुसीबत न बन जाय चुपकोट बैंड
पिथौरागढ़। 30 किलोमीटर लंबे पिथौरागढ़-घाट सड़क पर गुरना से लेकर घाट तक कुछ स्थानों पर लगातार पत्थर गिरने का खतरा रहता है। ऐसे में बरसात में यह सड़क बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है। चुपकोट बैंड में जिस तरह से पहाड़ी दरक रही है उसको देखते हुए एनएच के अधिकारियों ने इस स्थान पर पहाड़ी के उपचार के साथ ही मजबूत सुरक्षा दीवारों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा है। अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में जब तक पहाड़ी का उपचार नहीं होता है तब तक सीमांत के लोगों को बरसात में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।
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