{"_id":"6058d9f98ebc3e8c965c0eeb","slug":"agitation-by-upnal-staff-union-pithoragarh-news-hld419182489","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमितिकरण और वेतन देने की मांग को लेकर उपनल कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमितिकरण और वेतन देने की मांग को लेकर उपनल कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते उपनल कर्मी।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। विभिन्न मांगों को लेकर उपनल कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
विमल धामी के नेतृत्व में सोमवार को उपनल कर्मी कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने यहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कर्मी पिछले 28 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी सरकार को उपनल कर्मचारियों को दर्द नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
इस मौके पर विमल धामी, त्रिभुवन बसेड़ा, पंकज पांडेय, लक्ष्मण सिंह, ललित पाल, हरीश चंद, चंद्रशेखर पाटनी, भूपेंद्र मर्तोलिया, महेंद्र महर, पुष्कर भाटिया आदि रहे।
विज्ञापन
विमल धामी के नेतृत्व में सोमवार को उपनल कर्मी कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने यहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कर्मी पिछले 28 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी सरकार को उपनल कर्मचारियों को दर्द नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
इस मौके पर विमल धामी, त्रिभुवन बसेड़ा, पंकज पांडेय, लक्ष्मण सिंह, ललित पाल, हरीश चंद, चंद्रशेखर पाटनी, भूपेंद्र मर्तोलिया, महेंद्र महर, पुष्कर भाटिया आदि रहे।