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एक साल बाद भी टूटी नहर की मरम्मत नहीं हुई

Sun, 25 Jun 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल Updated Sun, 25 Jun 2017 10:24 PM IST
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A year after the broken canal was not repaired
इस हालत में है लेजम की सिंचाई नहर का मूल स्रोत - फोटो : अमर उजाला

पिछले साल 30 जून को आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त लकड़ीगाड़-लेजम नहर की अब तक सिंचाई विभाग मरम्मत नहीं कर पाया है। विभाग ने शासन को प्रस्ताव बनाकर तो भेज दिया था, लेकिन अब तक धनराशि न मिलने के कारण मरम्मत कार्य नहीं हो सका। करीब दो किलोमीटर लंबी इस नहर के मूल स्रोत में ही मलबा पट गया है और जगह-जगह नहर टूट गई है। विभाग ने अब तक किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं की है। इस कारण 50 हेक्टेयर जमीन पर इस बार धान की रोपाई नहीं लग पाई है।

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बताया गया कि पिछले साल जून में आई आपदा के दौरान पैदल रास्ते, पेयजल लाइन और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी। आपदा के तुरंत बाद अधिकारियों और नेताओं ने नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग ने भी नहर की मरम्मत का 3.5 लाख रुपये का आकलन तैयार किया और प्रस्ताव शासन को भेज दिया। शासन में यह प्रस्ताव जाने के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई। पूर्व प्रधान विनोद पंत का कहना है कि किसानों के प्रति सरकार कितनी संवेदनशील है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक साल बाद भी नहर की मरम्मत का पैसा नहीं मिला। गेहूं की बुआई के समय भी किसान खासे परेशान रहे।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता ललित मोहन उप्रेती ने बताया कि शासन से धनराशि नहीं मिल पाई है। अब विभाग खेतों तक पानी चलाने के लिए कुछ वैकल्पिक प्रबंध करेगा। उन्होंने कहा कि रबर की पाइप लगाकर खेतों तक पानी चलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को दोबारा भी शासन के पास भेजा गया था, लेकिन धनराशि मंजूर नहीं हो पाई।

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