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शहीद के सम्मान में की गई एक घोषणा पूरी, दो अधूरी
Mon, 25 Feb 2019 11:28 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:28 PM IST
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शहीद राजेंद्र सिंह बुंगला।
- फोटो : पिथौरागढ़
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देश पर जान कुर्बान करने वाले जवानों की शहादत के सम्मान में की गई घोषणाएं अक्सर धरातल पर नहीं उतरती। 2018 अक्तूबर में कश्मीर में पत्थरबाजों के हमले में मारे गए गंगोलीहाट तहसील के बडेना निवासी शहीद राजेंद्र सिंह बुंगला के सम्मान में की गई दो घोषणाएं पूरी नहीं हुई हैं। पेयजल मंत्री की घोषणा के अनुरूप शहीद के परिवार को पानी अवश्य मिल गया है।
25 अक्तूबर 2018 को बडेना निवासी जाट रेजीमेंट की टीए बटालियन में कार्यरत वीर जवान राजेंद्र सिंह बुंगला कश्मीर में पत्थरबाजों के हमले के शिकार हो गए थे। 23 वर्षीय शहीद राजेंद्र परिवार के एकलौते पुत्र थे। शहादत के बाद प्रदेश के पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने शहीद के पिता चंद्र सिंह बुंगला और परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना व्यक्त की थी। शहीद के पिता ने मंत्री के सामने पीने के पानी का संकट का मामला उठाया।
शहीद के पिता ने बताया था कि कई किमी से उनको पानी ढोना पड़ता है। मंत्री ने शहीद के परिजनों को पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। गांव के लोगों ने शहीद की बहन को नौकरी और राजकीय इंटर कॉलेज चहज का नाम शहीद राजेंद्र के नाम पर रखने की मांग उठाई थी। मंत्री और विधायक मीना गंगोला ने इन दोनों मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिलाया था, लेकिन दोनों आश्वासन पूरे नहीं हुए।
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दो महीने पहले स्वजल योजना के तहत एक किमी दूर से पानी की लाइन बिछी। शहीद के परिवार को पानी मिलने लगा है। शहीद के पिता चंद्र सिंह कहते हैं कि बेटी को नौकरी मिल जाती तो परिवार को कुछ राहत मिलती। विद्यालय का नाम राजेंद्र के नाम पर हो जाता तो उसकी यादें जीवंत रहती।
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25 अक्तूबर 2018 को बडेना निवासी जाट रेजीमेंट की टीए बटालियन में कार्यरत वीर जवान राजेंद्र सिंह बुंगला कश्मीर में पत्थरबाजों के हमले के शिकार हो गए थे। 23 वर्षीय शहीद राजेंद्र परिवार के एकलौते पुत्र थे। शहादत के बाद प्रदेश के पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने शहीद के पिता चंद्र सिंह बुंगला और परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना व्यक्त की थी। शहीद के पिता ने मंत्री के सामने पीने के पानी का संकट का मामला उठाया।
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शहीद के पिता ने बताया था कि कई किमी से उनको पानी ढोना पड़ता है। मंत्री ने शहीद के परिजनों को पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। गांव के लोगों ने शहीद की बहन को नौकरी और राजकीय इंटर कॉलेज चहज का नाम शहीद राजेंद्र के नाम पर रखने की मांग उठाई थी। मंत्री और विधायक मीना गंगोला ने इन दोनों मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिलाया था, लेकिन दोनों आश्वासन पूरे नहीं हुए।
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दो महीने पहले स्वजल योजना के तहत एक किमी दूर से पानी की लाइन बिछी। शहीद के परिवार को पानी मिलने लगा है। शहीद के पिता चंद्र सिंह कहते हैं कि बेटी को नौकरी मिल जाती तो परिवार को कुछ राहत मिलती। विद्यालय का नाम राजेंद्र के नाम पर हो जाता तो उसकी यादें जीवंत रहती।