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राज्य आंदोलनकारी घोषित न होने पर उक्रांद मुखर
Pithoragarh
Updated Mon, 15 Dec 2014 05:30 AM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। राज्य आंदोलनकारी संगठन की बैठक में राज्य आंदोलन की लड़ाई में शामिल कई लोगों को आंदोलनकारी घोषित नहीं करने पर गंभीर चिंता जताई गई।
राज्य आंदोलनकारी उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा राज्य गठन के लिए सैकड़ों लोगों ने लड़ाई लड़ी थी, लेकिन दुर्भाग्य कि बात है कि कई लोग आज तक आंदोलनकारी घोषित नहीं हो पाए। राज्य गठन के 14 साल बीतने के बाद भी कई लोग चिह्नीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा वर्ष 2002 में गठित आंदोलनकारी चिह्नीकरण समितियों को भंग कर दिया गया है। पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने आंदोलनकारियों के चिन्हींकरण के लिए अर्द्ध न्यायिक आयोग बनाने की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जता दी है। वंचित लोगों को आयोग के जरिए चिह्नित किया जाएगा।
संगठन के संरक्षक दिनेश गुरुरानी ने कहा आंदोलनकारी चिह्नीकरण समिति की लापरवाही से राज्य गठन के विरोधी लोग आंदोलनकारी का दर्जा लिए हुए हैं। वास्तविक आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया तो एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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राज्य आंदोलनकारी उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा राज्य गठन के लिए सैकड़ों लोगों ने लड़ाई लड़ी थी, लेकिन दुर्भाग्य कि बात है कि कई लोग आज तक आंदोलनकारी घोषित नहीं हो पाए। राज्य गठन के 14 साल बीतने के बाद भी कई लोग चिह्नीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा वर्ष 2002 में गठित आंदोलनकारी चिह्नीकरण समितियों को भंग कर दिया गया है। पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने आंदोलनकारियों के चिन्हींकरण के लिए अर्द्ध न्यायिक आयोग बनाने की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जता दी है। वंचित लोगों को आयोग के जरिए चिह्नित किया जाएगा।
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संगठन के संरक्षक दिनेश गुरुरानी ने कहा आंदोलनकारी चिह्नीकरण समिति की लापरवाही से राज्य गठन के विरोधी लोग आंदोलनकारी का दर्जा लिए हुए हैं। वास्तविक आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया तो एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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