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जस्टिस पंत के सुप्रीम कोर्ट का जज बनने पर जश्न का माहौल
Pithoragarh
Updated Fri, 15 Aug 2014 05:30 AM IST
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पिथौरागढ़। जिले के पंथ्यूड़ी निवासी मेघालय हाईकोट के मुख्य न्यायाधीश प्रफुल्ल चंद्र पंत के सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में शपथ लेने से उनके मूल गांव के साथ ही जिलेभर में खुशी का माहौल है। जिला मुख्यालय में जिला अधिवक्ता संस्था के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।
जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट की अध्यक्षता और सचिव निर्मल चौधरी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने जस्टिस पंत के सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनने को जिले के साथ ही राज्य के लिए गौरव बताया। संस्थाध्यक्ष भट्ट ने कहा कि जस्टिस पंत ने सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड मूल के पहले जज होने का गौरव हासिल कर पंथ्यूड़ी गांव के साथ ही जिले और राज्य का मान बढ़ाया है।
श्री भट्ट ने जस्टिस पंत के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 30 अगस्त 1952 को उनका जन्म जिले के पंथ्यूड़ी गांव में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा नारायणनगर (डीडीहाट) से ग्रहण की। बीएससी और लॉ की डिग्री लखनऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हासिल की। 1973 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करने लगे। उन्होंने 1976 में पीसीएसजे की परीक्षा पास की। पीलीभीत, गाजियाबाद, रानीखेत, बरेली में न्यायिक मजिस्ट्रेट रहे। 1990 में उच्चतर न्यायिक सेवा में चयन हुआ और अपर जिला जज बहराइच, ज्वाइंट रजिस्ट्रार इलाहाबाद इलाहाबाद रहे। राज्य बनने के बाद जस्टिस पंत को उत्तराखंड का पहला विधि और न्याय सचिव बनने का गौरव हासिल हुआ। इसके पश्चात वह जिला जज नैनीताल और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भी रहे। जस्टिस पंत 29 जून 2004 को उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। 19 फरवरी 2008 को वह हाईकोर्ट के स्थाई जज बने। 20 सितंबर 2013 को उन्हें मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
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जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट की अध्यक्षता और सचिव निर्मल चौधरी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने जस्टिस पंत के सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनने को जिले के साथ ही राज्य के लिए गौरव बताया। संस्थाध्यक्ष भट्ट ने कहा कि जस्टिस पंत ने सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड मूल के पहले जज होने का गौरव हासिल कर पंथ्यूड़ी गांव के साथ ही जिले और राज्य का मान बढ़ाया है।
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श्री भट्ट ने जस्टिस पंत के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 30 अगस्त 1952 को उनका जन्म जिले के पंथ्यूड़ी गांव में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा नारायणनगर (डीडीहाट) से ग्रहण की। बीएससी और लॉ की डिग्री लखनऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हासिल की। 1973 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करने लगे। उन्होंने 1976 में पीसीएसजे की परीक्षा पास की। पीलीभीत, गाजियाबाद, रानीखेत, बरेली में न्यायिक मजिस्ट्रेट रहे। 1990 में उच्चतर न्यायिक सेवा में चयन हुआ और अपर जिला जज बहराइच, ज्वाइंट रजिस्ट्रार इलाहाबाद इलाहाबाद रहे। राज्य बनने के बाद जस्टिस पंत को उत्तराखंड का पहला विधि और न्याय सचिव बनने का गौरव हासिल हुआ। इसके पश्चात वह जिला जज नैनीताल और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भी रहे। जस्टिस पंत 29 जून 2004 को उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। 19 फरवरी 2008 को वह हाईकोर्ट के स्थाई जज बने। 20 सितंबर 2013 को उन्हें मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
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