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पिथौरागढ़ में गंभीर जल संकट
Pithoragarh
Updated Wed, 11 Dec 2013 05:47 AM IST
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पिथौरागढ़। एक लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ शहर में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। शहर की 50 हजार आबादी को पिछले तीन दिन से पानी की बूंद नहीं मिली है। कुछ इलाकों में अभी से टैंकरों से पानी बंट रहा है। तमाम दावों के बाद भी शहर के लिए पानी की नई योजना नहीं बन पाई है।
शहर में इन दिनों हर इलाके में पीने के पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। ऐंचोली क्षेत्र में शनिवार से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। रविवार को घंटाकरण, सरस्वतीविहार, बजेटी समेत तमाम इलाकों में पानी की बूंद नहीं टपकी। जाड़ों में ही पानी की इस तरह की किल्लत से लोग गर्मियों को लेकर आशंकित हो गए हैं। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों के साथ ही हैंडपंपों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। सुबह से शाम इसी काम में बीत जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद कापड़ी ने पेयजल संकट को विभाग और नेताओं की नाकामी बताते हुए कहा कि हनुमान मंदिर स्थित टंकी से टैंकरों में पानी भरकर बंटवाया जा रहा है। यही पानी लोगों को संयोजनों के जरिए दिया जाता तो लोगों को राहत मिलती। टैंकरों में जल स्रोतों से पानी भरना चाहिए। उन्होंने शहर के लोगों से जल संस्थान के खिलाफ लामबंद होने की अपील की। उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता वीके मिश्रा का कहना है कि दो दिन पूर्व ऐंचोली में भूस्खलन से लाइन टूट गई थी। अब लाइन ठीक कर ली गई है। सोमवार से सप्लाई सुचारु हो जाएगी। उनका कहना है कि सभी योजनाओं से साढ़े पांच एमएलडी (लाख लीटर डे) पानी मिल रहा है। शहर की जरूरत 11 एमएलडी की है।
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शहर में इन दिनों हर इलाके में पीने के पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। ऐंचोली क्षेत्र में शनिवार से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। रविवार को घंटाकरण, सरस्वतीविहार, बजेटी समेत तमाम इलाकों में पानी की बूंद नहीं टपकी। जाड़ों में ही पानी की इस तरह की किल्लत से लोग गर्मियों को लेकर आशंकित हो गए हैं। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों के साथ ही हैंडपंपों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। सुबह से शाम इसी काम में बीत जा रही है।
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सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद कापड़ी ने पेयजल संकट को विभाग और नेताओं की नाकामी बताते हुए कहा कि हनुमान मंदिर स्थित टंकी से टैंकरों में पानी भरकर बंटवाया जा रहा है। यही पानी लोगों को संयोजनों के जरिए दिया जाता तो लोगों को राहत मिलती। टैंकरों में जल स्रोतों से पानी भरना चाहिए। उन्होंने शहर के लोगों से जल संस्थान के खिलाफ लामबंद होने की अपील की। उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता वीके मिश्रा का कहना है कि दो दिन पूर्व ऐंचोली में भूस्खलन से लाइन टूट गई थी। अब लाइन ठीक कर ली गई है। सोमवार से सप्लाई सुचारु हो जाएगी। उनका कहना है कि सभी योजनाओं से साढ़े पांच एमएलडी (लाख लीटर डे) पानी मिल रहा है। शहर की जरूरत 11 एमएलडी की है।
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