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खंडहर बने घर में पखवाड़े भर तक कैद हो गईं 15 बकरियां
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सानदेव के सनपट्टा तोक में खंडहरनुमा मकान के अंदर से 15 बकरियां मिली हैं। इनमें से दो बकरियों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ की हालत गंभीर है। पांच की स्थिति कुछ ठीक बताई जा रही है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम बकरियों के उपचार में जुटी है। बकरियां किसकी हैं, इस बारे में अभी कोई पता नहीं लग पाया है।
सीराकोट-बैकुंठधाम से लगे जंगल में एक खंडहरनुमा मकान है। मंगलवार को स्थानीय निवासी कौस्तुभानंद जोशी अपने मवेशियों को चराने जंगल में पहुंचे तो उन्हें वहां दुर्गंध आई। जब उन्होंने खंडहर के पास जाकर देखा तो कमरे के अंदर उन्हें बकरियां दिखाई दी। उन्होंने पशु अस्पताल को इसकी जानकारी दी। इस पर पशु चिकित्सक डॉ. सुभाष कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे के अंदर से 15 बकरियां मिली, जिनमें से दो तो मर चुकी थी।
पांच बकरियां थोड़ा ठीक थी जबकि अन्य बेसुध स्थिति में थीं। बताया जाता है कि कमरे का एक दरवाजा खुला था जबकि दूसरे में अंदर से चिटकनी लगी थी। अंदेशा है कि जब एक-एक कर बकरियां अंदर गई होंगी तो कमरा भर गया और दूसरा दरवाजा भी बंद हो गया। इससे बकरियां अंदर ही फंसी रह गईं। बकरियों की हालत देख उनके पखवाड़े भर से वहां फंसने का अंदेशा है। पशु चिकित्सक सुभाष कुमार ने बताया कि खाना और पानी नहीं मिलने से बकरियां डिहाइड्रेशन की शिकार हो गईं। बकरियां किसकी हैं और जंगल में स्थित खंडहरनुमा घर में कैसे पहुंची। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
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सीराकोट-बैकुंठधाम से लगे जंगल में एक खंडहरनुमा मकान है। मंगलवार को स्थानीय निवासी कौस्तुभानंद जोशी अपने मवेशियों को चराने जंगल में पहुंचे तो उन्हें वहां दुर्गंध आई। जब उन्होंने खंडहर के पास जाकर देखा तो कमरे के अंदर उन्हें बकरियां दिखाई दी। उन्होंने पशु अस्पताल को इसकी जानकारी दी। इस पर पशु चिकित्सक डॉ. सुभाष कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे के अंदर से 15 बकरियां मिली, जिनमें से दो तो मर चुकी थी।
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पांच बकरियां थोड़ा ठीक थी जबकि अन्य बेसुध स्थिति में थीं। बताया जाता है कि कमरे का एक दरवाजा खुला था जबकि दूसरे में अंदर से चिटकनी लगी थी। अंदेशा है कि जब एक-एक कर बकरियां अंदर गई होंगी तो कमरा भर गया और दूसरा दरवाजा भी बंद हो गया। इससे बकरियां अंदर ही फंसी रह गईं। बकरियों की हालत देख उनके पखवाड़े भर से वहां फंसने का अंदेशा है। पशु चिकित्सक सुभाष कुमार ने बताया कि खाना और पानी नहीं मिलने से बकरियां डिहाइड्रेशन की शिकार हो गईं। बकरियां किसकी हैं और जंगल में स्थित खंडहरनुमा घर में कैसे पहुंची। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
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